डेरिल मिचेल की चौथे स्टंप पर फेंकी गई गेंद को विजय शंकर का विकेट के पीछे निकले कैच को धोनी ने अपने दाएं 2.27 मीटर की डाइव लगाकर पकड़ा, उसकी जितनी भी तारीफ़ की जाए, कम है।
ख़ास बात यह है कि इस कैच को पकड़ने के लिए धोनी के पास कुछ सेकंड का ही प्रतिक्रिया समय था। यही नहीं, धोनी ने इस कैच को दोनों हाथों से पकड़ा।
कई बार इस तरह के कैच विकेटकीपर एक हाथ से पकड़ते तो दिख जाते हैं, पर धोनी का दम तभी आता है जब वह इसे दोनों हाथों से पकड़ते हैं। धोनी की यह क्षमता ही उन्हें महान बनाती है।
इस पर सिद्धू की टिप्पणी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “कौन कहता है कि धोनी 42 है, वह तो 22 का लगता है।”
अंबाती रायडू ने इस सीज़न में धोनी की उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन की सराहना की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका घुटना इस बार पूरी तरह से ठीक है। वह मानसिक रूप से पहले से ही मजबूत हैं।
धोनी को कई बार गेंदबाजी में बदलाव की सलाह दी गई है। उन्होंने शुरुआत में ही कप्तान ऋतुराज को एक फील्डर को स्क्वेयर लेग पर लगाने की सलाह दी थी, और अगली गेंद ही वहां पहुंच गई।
धोनी जैसी दीवानगी किसी की नहीं