इधर, सीबीआई ने घोषणा की है कि इस मामले के पहले संदिग्ध आरोपी संजय रॉय का साइकोलॉजिकल टेस्ट कराया जाएगा। इसके साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के खिलाफ जारी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, और अन्य लोगों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सभी राज्यों की पुलिस को निर्देश दिया है कि वे हर दो घंटे में स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह कदम देशभर में बढ़ते आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाया गया है। इस घटना ने न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है, और इसके खिलाफ आवाजें लगातार बुलंद हो रही हैं।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों की पुलिस को भेजे गए संदेश में स्पष्ट किया है कि मौजूदा प्रदर्शनों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। देशभर के विभिन्न हिस्सों में डॉक्टर और अन्य चिकित्सा कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हो रही हिंसा की जांच के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने और अनिवार्य सुरक्षा अधिकारों को सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक राष्ट्रीय बहस को जन्म दे दिया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है|