August 26, 2026

जयपुर होटल में ऑनलाइन सट्टे का खुलासा, लड़की समेत 3 गिरफ्तार, महीने में 18 लाख की कमाई का दावा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। मामला वैशाली नगर स्थित मेलोडी होटल का है, जहां पुलिस ने एक कमरे में छापेमारी कर दो युवकों और एक युवती को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, तीनों कथित तौर पर क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने और लोगों से पैसे वसूलने का काम कर रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान होटल के कमरा नंबर 204 से ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। शुरुआती जांच में यह भी दावा किया गया कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने लाखों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था और कथित तौर पर करीब 18 लाख रुपये तक की कमाई हो रही थी।

जयपुर

जयपुर होटल के कमरे से चल रहा था ऑनलाइन खेल

पुलिस को सूचना मिली थी कि वैशाली नगर के एक होटल में कुछ लोग ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चला रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेलोडी होटल में दबिश दी। टीम जब कमरा नंबर 204 में पहुंची तो वहां दो युवक और एक युवती मौजूद मिले।

जांच के दौरान पुलिस को ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित गतिविधियों के संकेत मिले। आरोप है कि आरोपी मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से क्रिकेट मैच और दूसरे खेलों पर सट्टा लगवाते थे। इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अलग-अलग खातों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है।

हर महीने लाखों रुपये का कारोबार

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि यह केवल छोटे स्तर का सट्टा नहीं था। कथित तौर पर इस नेटवर्क से हर महीने करीब 18 लाख रुपये की कमाई हो रही थी। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वास्तविक कारोबार कितना था और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए थे।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि होटल के कमरे से संचालित इस गतिविधि का संपर्क किसी बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से तो नहीं था। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जानकारी खंगाली जा सकती है।

जयपुर : कैसे चलता है ऑनलाइन सट्टे का खेल?

ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में आमतौर पर ग्राहकों को किसी वेबसाइट, ऐप या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए जोड़ा जाता है। मैच शुरू होने से पहले या मैच के दौरान अलग-अलग खिलाड़ियों, टीमों और घटनाओं पर दांव लगाने का विकल्प दिया जाता है।

पैसे के लेन-देन के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस को शक है कि जयपुर के इस मामले में भी इसी तरह का सिस्टम इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पैसे किन खातों में पहुंचते थे और आगे कहां ट्रांसफर किए जाते थे।

पुलिस जांच में सामने आएंगे बड़े राज

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच का सबसे अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि कमरे में मौजूद तीनों की भूमिका क्या थी और उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।

पुलिस डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए कथित सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर सकती है। साथ ही यह भी जांच होगी कि होटल के कमरे का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था और यहां से कितने समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन हो रहा था।

जयपुर में सामने आया यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी अब केवल किसी एक जगह तक सीमित नहीं रह गई है। मोबाइल और इंटरनेट के जरिए ऐसे नेटवर्क कहीं से भी संचालित किए जा सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले की आगे की जांच से यह साफ होगा कि 18 लाख रुपये महीने की कथित कमाई के पीछे कितने लोग और कितना बड़ा नेटवर्क शामिल था।

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