सोमवार शाम लगभग 4.02 बजे, अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल के जेल नंबर दो में जेल वैन से लेकर पहुंचाया गया। उन्हें वहां पहुंचते ही जेल की दफ्तर में ले जाया गया, जहां उनका नाम, पता और अन्य विवरण प्राप्त किए गए और फिर उनकी चिकित्सा जाँच करवाई गई। इसके बाद उन्हें उनके सेल में भेज दिया गया। तिहाड़ जेल के सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल को उनके सेल में अकेले रखा जाएगा और उन पर 24 घंटे CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इस निगरानी का जिम्मा तिहाड़ जेल के डीजी को सौंपा गया है। उनके सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो लेयर की सुरक्षा दी जाएगी, जिसमें क्वारटी टीम भी शामिल होगी। उनके केल में टेलीविज़न की व्यवस्था है और वह लाइब्रेरी से किताबें भी पढ़ सकेंगे। साथ ही, उन्हें जेल फैक्ट्री और अन्य सुविधाओं का भी लाभ दिया जाएगा।
तिहाड़ जेल के बाहर आप के समर्थकों ने लगाए नारे
अरविंद केजरीवाल को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आदेश के बाद, उनके समर्थक जेल के बाहर जमावड़े में आने लगे। दोपहर 12 बजे से, लोग जेल नंबर दो के गेट के पास एकत्र होने लगे। लोगों के जेल के बाहर आने की संभावना को देखते हुए, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने पहले ही जेल के आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी थी। वहां पर व्यापक सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने तिहाड़ जेल के दोनों तरफ की सड़कों पर बैरिकेडिंग और रस्सी से रोक लगाई थी। इससे लोगों को एक स्थान पर इकट्ठा नहीं होने दिया गया। सुरक्षा का पूरा प्रबंध वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के अतिरिक्त जोड़े डीसीपी ने किया। समर्थकों ने बीच-बीच में दिल्ली पुलिस और बीजेपी के खिलाफ प्रोटेस्ट किया। प्रोटेस्ट के दौरान, समर्थकों ने सड़क पर आकर ज़बरदस्ती की, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिसकर्मियों ने समर्थकों पर बल का इस्तेमाल कर उन्हें वहां से हटाया।
शाम चार बजे तिहाड़ जेल आए मुख्यमंत्री
सोमवार की शाम करीब चार बजे, अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल में पहुंचाया गया था। उन्हें जेल वैन में अकेले ही ले जाया गया था। भीड़ को देखते हुए, उन्हें तीन नंबर वाली जेल में भेज दिया गया। वहां पर उनके आने का रजिस्टर में एंट्री की गई। उसके बाद, उन्हें जेल नंबर दो में भेज दिया गया। जेल के नियमों के अनुसार, उन्हें भी जैसे अन्य कैदियों को उसी तरह से काम करना होगा। सुबह साढ़े छह बजे, उन्हें दलिया और चाय मिलती है। 10.30 बजे, उन्हें दाल, सब्जी, चावल और रोटी मिलती है। दोपहर साढ़े तीन बजे, उन्हें चाय और दो बिस्कुट मिलेंगे। रोजाना, उन्हें पांच मिनट का समय मिलता है, जिसमें वे फोन के माध्यम से परिवार के सदस्यों से बात कर सकते हैं। शाम को सात बजे, उन्हें दाल, सब्जी, चावल और रोटी मिलती है। फिर उन्हें अपने कमरे में जाना होता है और किसी से मिलना-मिलाना नहीं होता है।
गैंगस्टर से लेकर अंडरवर्ल्ड डॉन बंद हैं जेल नंबर दो में