राजनीति

तिहाड़ जेल: पहली बार अरविंद केजरीवाल को इंसुलिन दी गई, लगातार शुगर स्तर में वृद्धि का सामना कर रहे थे

तिहाड़ जेल में आबकारी नीति घोटाले के रिश्तेदार मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इंसुलिन की कमी के कारण आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उनके शुगर स्तर में वृद्धि के मामले में आरोप-प्रत्यारोप की चर्चा हो रही है। मंगलवार को जेल में सीएम केजरीवाल को पहली बार इंसुलिन दी गई। जनता के प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी के सूत्रों के अनुसार, उनका शुगर स्तर निरंतर बढ़ रहा था, जिसकी वजह से उन्हें इंसुलिन की आवश्यकता पड़ी। उनके शुगर स्तर उन्हें 320 तक पहुंच गया था।

HIGHLIGHTS

  1. 21 मार्च को हुई थी दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी
  2. फिलहाल हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं अरविंद केजरीवाल
  3. 320 तक गया CM केजरीवाल का शुगर लेवल
  4. ED की गिरफ्तारी के बाद पहली बार इंसुलिन दी गई

तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के कारण इंसुलिन दी गई है, जिसके शुगर स्तर में वृद्धि की रिपोर्ट्स आ रही थीं।

संदर्भ में, आम आदमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, तिहाड़ जेल में सीएम केजरीवाल के शुगर स्तर में बढ़ोतरी की रिपोर्ट आ रही थी। ताजा जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री केजरीवाल का शुगर स्तर 320 तक पहुंच गया था।

पहले कल, सोमवार को, अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट से एक और चौंकानेवाला समाचार मिला। उन्होंने अपने चिकित्सकों से प्रतिदिन 15 मिनट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी को ठुकरा दिया था।

सीएम ने जेल अधीक्षक को लिखा पत्र, कहा- आपका बयान झूठा

पहले ही पता चल गया है कि केजरीवाल ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने जेल प्रशासन के बयान को गलत बताया है। उन्होंने पत्र की एक कॉपी को सार्वजनिक किया है। केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा है, “अखबार में आपका बयान पढ़ा। वो गलत है। आपका झूठा बयान पढ़कर बहुत दुख हुआ।” उन्होंने यह भी कहा, “जेल प्रशासन का पहला बयान ‘अरविंद केजरीवाल ने इंसुलिन का मुद्दा कभी नहीं उठाया’ सरासर झूठ है। मैंने पिछले 10 दिन से लगातार इंसुलिन का मुद्दा उठाया है, दिन में कई बार उठाया है। मैंने ग्लूकोमीटर की रीडिंग दिखाई और बताया है कि दिन में तीन बार पीक आती है और शुगर लेवल 250-320 के बीच होता है।”

उन्होंने किसी भी प्रकार का आश्वासन नहीं दिया। वे मेरे शुगर लेवल और स्वास्थ्य से संबंधित पूरे डेटा की मांग की और कहा कि डेटा को जांचकर विश्लेषण करने के बाद वे अपनी सलाह देंगे। मुझे बहुत दुख है कि आपने राजनीतिक दबाव में आकर गलत और झूठे बयान दिए हैं। मैं आशा करता हूं कि आप कानून और संविधान का पालन करेंगे।

जेल प्रशासन के दावे का आधार महज डाइटीशियन का चार्ट: आतिशी

आतिशी ने दिल्ली सरकार में एक दिलचस्प आरोप लगाया है। उनका मानना ​​है कि ईडी और तिहाड़ जेल प्रशासन को अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उनके अनुसार, अगर अरविंद केजरीवाल का शुगर लेवल बढ़ रहा है तो न तो उन्होंने एम्स के विशेषज्ञों से सलाह ली है और न ही उनका समय-समय पर चेकअप कराया गया है।

केवल एक डाइटीशियन के चार्ट के आधार पर कोर्ट में कहा गया है कि अगर उन्हें उसके अनुसार खाना दिया जाए तो उनका शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा और उन्हें इंसुलिन की आवश्यकता नहीं होगी। आतिशी ने मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह सब एक योजनाबद्ध साजिश का हिस्सा है।

 

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