पानीपत में रहने वाली नीरज चोपड़ा की मां, सरोज देवी ने कहा, “हम बेहद खुश हैं, हमारे लिए सिल्वर भी सोने के समान है। जो गोल्ड मेडल जीता है, वह भी हमारा ही बेटा है। उसने मेहनत करके यह उपलब्धि हासिल की है। हर खिलाड़ी का एक दिन होता है। नीरज चोटिल था, इसलिए हम उसके प्रदर्शन से संतुष्ट हैं। जब वह घर लौटेगा, तो मैं उसके लिए उसका पसंदीदा खाना बनाऊंगी।”
सिल्वर मेडल मिलने पर नीरज चोपड़ा के पिता सतीश कुमार का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “हम खिलाड़ी पर प्रेशर नहीं डाल सकते। हर किसी का दिन होता है, और आज पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम का दिन था, इसलिए वह गोल्ड जीत सके।” उन्होंने आगे कहा, “यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हमने लगातार दूसरे ओलंपिक में जैवलिन में मेडल जीता। हम दूसरे देशों के खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, जो गर्व की बात है।”
नीरज चोपड़ा की माँ का रिएक्शन
इस मुकाबले में पाकिस्तान के एथलीट अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए दूसरे थ्रो में ही 92.97 मीटर की दूरी हासिल की। उन्होंने अपना छठा और अंतिम थ्रो 91.79 मीटर का फेंका। यह पाकिस्तान का 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक के बाद पहला ओलंपिक पदक है। इससे पहले हुए दस मुकाबलों में नीरज चोपड़ा ने हमेशा अरशद नदीम को मात दी थी।