मध्य प्रदेश के कटनी की पूर्व सिटी पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया इन दिनों गंभीर आरोपों और FIR को लेकर चर्चा में हैं। कभी एयर होस्टेस के तौर पर काम करने वाली नेहा ने MPPSC परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में कदम रखा था। लेकिन अब जमीन सौदे से जुड़े मामले में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो चुका है और गिरफ्तारी की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और अदालत में दोष साबित होना बाकी है।

एयर होस्टेस से पुलिस अधिकारी बनने तक का सफर
नेहा पच्चीसिया का करियर पारंपरिक पुलिस सेवा से शुरू नहीं हुआ था। उन्होंने पहले एविएशन सेक्टर में काम किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने सरकारी सेवा में जाने का फैसला किया। MPPSC परीक्षा में उन्होंने 2016 में 20वीं रैंक हासिल की और पुलिस सेवा में चयनित हुईं। इसके बाद वह DSP पद तक पहुंचीं और कटनी में CSP के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
नेहा पच्चीसिया जमीन सौदे से जुड़ा क्या है पूरा विवाद?
नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि एक हत्या के मामले में आरोपी रहे आकाश लोधी के परिवार पर दबाव बनाकर जमीन का सौदा कराया गया। शिकायत के मुताबिक, कन्हवारा गांव की जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये थी, जबकि इसकी रजिस्ट्री लगभग 18.20 लाख रुपये में कराए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दबाव का इस्तेमाल परिवार को जमीन बेचने के लिए मजबूर करने में किया गया। मामले की जांच में जमीन के सौदे और कथित पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं को भी देखा गया।
तीन लोगों के खिलाफ FIR
विभागीय जांच के बाद कटनी के कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मामले में नेहा के साथ क्षितिज राज और मारूफ अहमद के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक सांठगांठ से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।
जांच अधिकारियों ने जमीन के सौदे के अलावा बैंक लेनदेन और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी पड़ताल की। रिपोर्टों के मुताबिक, एक खाते से 15 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब नेहा पच्चीसिया विवादों में आई हैं। इससे पहले एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने उन पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उस मामले के बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया और CSP के तौर पर उनसे तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया था। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई थी।
इसके अलावा हत्या के एक मामले की जांच और समय पर चार्जशीट दाखिल न होने से जुड़े सवाल भी विभागीय जांच के दायरे में आए थे। इन घटनाओं के बाद नेहा पच्चीसिया पर प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव बढ़ता गया।
नेहा पच्चीसिया सस्पेंशन और गिरफ्तारी की चर्चा
FIR दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नेहा पच्चीसिया को सस्पेंड करने का आदेश दिया। अब जमीन सौदे से जुड़े मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, नेहा ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख भी किया है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FIR में दर्ज आरोपों की जांच जारी है। किसी भी आरोपी को केवल FIR दर्ज होने के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम सच्चाई सामने आएगी।
More Stories
जाह्नवी कपूर के अश्लील कंटेंट पर हाईकोर्ट सख्त, 552 URLs हटाने का आदेश
NRI के बैंक लॉकर से 82 लाख का सोना गायब, डिप्टी मैनेजर ने ऐसे उड़ाए गहने
ओडिशा में खौफनाक हत्या, पत्नी को पाने के लिए दोस्त की दे दी नरबलि!