मुख्यमंत्री ने कहा कि घग्गर के किनारों की वास्तविक स्थिति के बारे में स्थानीय लोगों को सबसे अच्छी जानकारी होती है, क्योंकि उन्हें पता होता है कि किन स्थानों पर किनारों में दरार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए, लोगों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं।
मानसून से पहले हो रही ये तैयारी
सरकार घग्गर नदी की मार से लोगों को बचाने के लिए ठोस प्रबंध करने में जुट गई है। दरिया की सफाई के साथ-साथ उसके किनारों को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि बाढ़ की स्थिति में पानी का बहाव नियंत्रित रखा जा सके। इसके अलावा, कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा रहे हैं ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों को भी बाढ़ प्रबंधन में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि मिलकर इस चुनौती का सामना किया जा सके।
खनौरी से मकरोड़ साहिब तक घग्गर दरिया को चौड़ा करने का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, मकरोड़ साहिब से कडैल तक के किनारे अभी भी कच्चे हैं। मानसून के दौरान पानी का तेज बहाव होने से इन कच्चे किनारों के टूटने की संभावना रहती है, जिससे आसपास के इलाकों में काफी नुकसान हो सकता है|