फिल्म के बज ने इतना धमाल मचाया कि सिनेमाघरों में भरपूर भीड़ देखने को मिली और टिकटों की बिक्री भी तेजी से बढ़ गई है। इससे लोगों की उम्मीदें भी चरम पर पहुंच गई हैं। आने वाले वीकएंड के आसपास, एक ब्लॉकबस्टर कलेक्शन की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।
फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट ने साथ मिलकर पेश किया है। इस फिल्म का लेखन अली अब्बास जफर ने किया है और उन्हीं के निर्देशन में इसे बनाया गया है। फिल्म का निर्माता टीम में वाशु भगनानी, दीपशिखा देशमुख, जैकी भगनानी, हिमांशु किशन मेहरा, और अली अब्बास जफर शामिल हैं। यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज हुई है। फिल्म में अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ, पृथ्वीराज सुकुमारन, सोनाक्षी सिन्हा, अलाया एफ और मानुषी छिल्लर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
बड़े मियां छोटे मियां की कहानी
‘बड़े मियां छोटे मियां’ की कहानी बॉलीवुड की वही पुरानी कहानी है जो पिछले कुछ समय से फिल्मों में कुछ ज्यादा ही हावी है. देश पर संकट है. देश के दुश्मन कुछ बड़ा करने की तैयारी में हैं और अब इस दुश्मन के होश ठिकाने लगाने हैं. ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में पृथ्वीराज सुकुमारन की कुछ ऐसी खुराफात करने की तैयारी है जिससे देश मुश्किल में आ सकता है. अब उससे लोहा लेने के लिए जांबाज अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ एक साथ आते हैं. उनका साथ देती हैं मानुषी छिल्लर और अलाया एफ. इस तरह एक मिशन है, और दुश्मन वही लोग हैं जो पहले भी कई फिल्मों में भी भारत के लिए खतरा पैदा कर चुके हैं. अली अब्बास जफर ने फिल्म में एक्शन, एक्शन और सिर्फ एक्शन ही दिखाया है. कहानी को सिर्फ जगह-जगह फिट कर दिया गया है. लगभग पौने तीन घंटे की फिल्म को एक्शन से ओवरलोड कर दिया है. ऐसे में कहानी के लिए मौका ज्यादा नहीं रहता है. फिर फिल्म में जो दिखता है, वह जाना-पहचाना है. यह अंदाजा भी आसानी से लगाया जा सकता है कि आगे क्या होने वाला है.
बड़े मियां छोटे मियां का डायरेक्शन
जब भी अली अब्बास जफर ने सलमान खान के साथ फिल्म बनाई, तो उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। इस बार उन्होंने दो एक्शन स्टार को चुना है, जो अपने करियर के एक पड़ाव पर हैं जहां उन्हें बैक टू बैक फ्लॉप फिल्मों का सामना करना पड़ रहा है। फिल्म की एक्ट्रेसेस भी ऐसी हैं, जिन्होंने अभी तक करियर में सफलता नहीं पाई है। इस बार अली अब्बास को कहानी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐक्शन की जगह कहानी में खुद को फंसा दिया। कुल मिलाकर, यह कहानी कमजोर है, लेकिन उन्होंने एक्शन के कई जौहर दिखाए हैं डायरेक्शन के माध्यम से।