अंतररास्ट्रीय

मिनेसोटा के अधिकारियों पर क्रिमिनल जांच के तहत सबपोना जारी:अमेरिका में बड़ा विवाद

मिनेसोटा

अमेरिका में मिनेसोटा राज्य के शीर्ष अधिकारियों को अमेरिका के न्याय विभाग (U.S. Department of Justice) ने डोज़ियर और रिकॉर्ड जारी करने के लिए ग्रैंड जूरी सबपोना (Grand Jury Subpoena) भेजा है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की आप्रवासन नीति के खिलाफ उनकी आलोचना और कथित “आपरेशन मेट्रो सर्ज” पर राज्य-आधिकारियों के विरोध के चलते उठाया गया है।

इस अत्यधिक संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मामले ने अमेरिका में संवैधानिक अधिकारों, संघ-राज्य संतुलन और कानून प्रवर्तन के अधिकारों पर बहस को जन्म दिया है।

 क्या हुआ? — सबपोना का मूल तथ्य

20 जनवरी 2026 को अमेरिका के न्याय विभाग ने मिनेसोटा के राज्यपाल (Governor), अटॉर्नी जनरल (Attorney General) और महानगरों के मेयरों के कार्यालयों को ग्रैंड जूरी सबपोना जारी किया।

सबपोना में उन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की मांग है, जो 2025 के शुरुआत से उनके फेडरल इमिग्रेशन एजेंसियों (ICE) के साथ सहयोग या विरोध को दर्शाते हैं।

कुल 6 सरकारी कार्यालयों को यह नोटिस भेजा गया, जिसमें Governor Tim Walz, Attorney General Keith Ellison, Minneapolis के Mayor Jacob Frey, St. Paul के Mayor Kaohly Her आदि शामिल हैं।

संक्षेप में, अमेरिकी न्याय विभाग यह जांच रहा है कि क्या राज्य-स्तर के ये अधिकारी संघीय इमिग्रेशन एजेंसियों के काम में बाधा पहुँचा रहे हैं या नहीं — खासकर ट्रम्प प्रशासन की तीव्र इमिग्रेशन एन्फोर्समेंट नीति के दौरान।

 जांच का कारण क्या है? — संघीय और राज्य संघर्ष

मामला तब और गर्मा गया जब ट्रम्प प्रशासन ने Twin Cities (Minneapolis–St. Paul) इलाके में हजारों इमिग्रेशन और बॉर्डर पाट्रोल एजेंटों को भेजा, ताकि डेपोर्टेशन राउंड-अप (Deportation) अभियान चलाया जा सके।

प्रशासन का कहना है कि उन अधिकारियों के राज्य-स्तरीय विरोध या बयान ने संघीय एजेंसियों के काम में अवरोध उत्पन्न किया।

न्याय विभाग यह देख रहा है कि क्या यह “राज्य और स्थानीय अधिकारियों की कार्रवाइयाँ” कानून के उल्लंघन के दायरे में आती हैं।

इसमें यह भी देखा जा रहा है कि क्या कोई राय बनाम अवरोध (opposition vs obstruction) का अंतर पार हुआ है।

यह जांच कानूनी तौर पर असाधारण है क्योंकि अमेरिका में सामान्यत: सार्वजनिक आलोचना या विरोध को अपराध नहीं माना जाता — लेकिन यह मामला इस बिंदु पर विवादास्पद बन चुका है।

 

 

मिनेसोटा : अधिकारियों की प्रतिक्रिया

Governor Tim Walz

गवर्नर वॉल्ज़ ने इस सबपोना और जांच को “राजनीतिक ड्रामा” और न्याय प्रणाली का दुरुपयोग बताया। उनके अनुसार, संघीय प्रशासन *उनके सार्वजनिक बयान और विरोध को मज़बूती नहीं बल्कि राजनीतिक धमकी के रूप में उपयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा: “हमारी प्राथमिकता प्रजा की सुरक्षा है, न कि राजनीतिक खेल।”

Minneapolis और St. Paul के मेयर

Mayor Jacob Frey ने कहा कि सबपोना स्थानीय नेताओं को डराने की कोशिश है, ताकि वे अपने समुदाय के हित में बोलना बंद कर दें।

Mayor Kaohly Her ने भी आलोचना की लेकिन कहा कि वे बेहतक कायम रहेंगे और अपना काम करते रहेंगे.

Attorney General Keith Ellison

अटॉर्नी जनरल की प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि सबपोना व्यक्तिगत रूप से उनके खिलाफ नहीं है, बल्कि उनके कार्यालय के दस्तावेजों और रिकॉर्ड की मांग है, खासकर राज्य-संघीय सहयोग से जुड़े विषयों पर.

विवाद और बड़ा सवाल: क्या कुछ भी अवैध हुआ?

यह मुद्दा मुख्य रूप से कानून बनाम विरोध की सीमा पर टिकता है:

ट्रंप प्रशासन का तर्क:

“राज्य और स्थानीय अधिकारी संघीय अधिकारियों की कार्रवाई में अवरोध पैदा कर रहे हैं, जो अपराध हो सकता है।”

विपक्ष का तर्क:

“सार्वजनिक बयान, विरोध और आलोचना संविधान के तहत वैध हैं और आपराधिक कार्रवाई नहीं।”

कानूनी विशेषज्ञ भी इस बात पर विभाजित हैं कि क्या राज्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया संघीय कार्यों में अवरोध का कारण है या नहीं — खासकर संवैधानिक अधिकारों के तहत बोलने की स्वतंत्रता को देखते हुए।

 इस मामले का व्यापक असर

इस जांच का असर सिर्फ न्याय प्रणाली पर नहीं बल्कि अमेरिकी राजनीति, संघीय-राज्य संबंध और आप्रवासन नियमों पर भी पड़ रहा है:

  • यह मामला फेडरल पोवर बनाम स्टेट रेवल्यूशन की बड़ी बहस को जन्म देता है।
  • राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और आलोचना को कानूनी संकट में बदल सकते हैं।
  • यह विषय अमेरिका में मीडिया, न्यायपालिका और नागरिकों के बीच बड़े विमर्श का हिस्सा बन सकता है।

मिनेसोटा के मामले ने अमेरिका में यह सवाल उठाया है:

क्या किसी सार्वजनिक अधिकारी के द्वारा संघीय नीति की आलोचना करना उसे आपराधिक जांच के दायरे में लाता है? — और यह सवाल संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सीमाओं के बीच एक ज्वलंत बहस बन चुका है।

देश और दुनिया भर के लोग अब इस देख रहे हैं कि यह जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है — क्या यह एक कानूनी निर्णय बनती है या एक राजनीतिक टकराव।

Admin@newsupdating

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