200 तस्करों को एनकाउंटर का सामना करना पड़ा है, सुप्रीम कोर्ट में हमें इसका विरोध भी सहना पड़ा है। हालांकि, मैंने अपनी पुलिस को नशा मुक्त असम बनाने के लिए खुली छूट दी है और कहा है कि किसी भी तरह की परमिशन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। इसी तरह, अगर यहां भी सरकार बनती है तो मुझे यकीन है कि जिस तरह से मुझे बुलाकर गृहमंत्री अमित शाह ने आदेश दिए थे, वैसे ही यहां भी आदेश जारी होंगे और पंजाब नशा मुक्त होगा। यह बड़ा कदम नशा मुक्ति की दिशा में एक नया प्रयास होगा। इससे न केवल समाज को नशे से मुक्ति मिलेगी, बल्कि देश के विकास में भी बड़ा योगदान होगा।
हिमंत बिस्वा ने यह भी कहा कि उग्रवाद के काले दौर के दौरान जैसे यहां पर बम फटता था, पुलिस वाले मारे जाते थे और नागरिकों की हत्या होती थी उसी तरह का दौर असम में भी था, जिसे हमने समाप्त किया है। इस समाप्ति के साथ-साथ, हमने सामाजिक सुरक्षा और शांति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं, ताकि असम के लोगों को सुरक्षित महसूस कराया जा सके। इस प्रयास का मकसद न केवल असम के विकास में मदद करना है, बल्कि यह उनकी जीवनशैली में सुधार और नई उम्मीदों का संजीवनी देना भी है।
असम सीएम बोले- सबसे पहले नशा तस्करी पर लगाम
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमने 2021 में असम के अंदर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई है। जब वह असम की सत्ता में आए तो उसके बाद ही हमने उग्रवाद समाप्त किया और 8,000 हजार उग्रवादियों का सरेंडर करवाया है। उन्होंने अपने पहले ही टास्क के रूप में नशा तस्करी को बंद करने का दिया गया था, और वह इसमें सफल रहे हैं। इसके अलावा, हमने 700 करोड़ रुपये की हेरोइन की बरामदगी की है। इस प्रयास में हमने न केवल असम के सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण का संजीवनी किया है, बल्कि इससे समाज के विकास और समृद्धि में भी मदद मिली है। ऐसे प्रयासों से सामाजिक और आर्थिक उत्थान होने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।