निखिल की गिरफ्तारी के मामले में पंजाब और स्थानीय पुलिस के बीच दिन भर चले ड्रामे के बाद देर शाम कानूनी औपचारिकताओं की पूर्णता के बाद निखिल को जमानत पर छोड़ दिया गया। थाने से बाहर निकलते ही निखिल ने बताया कि वहने जो भी किया, वो सही किया और आगे भी ऐसे ही गलत कामों को सामाजिक सत्यापन में लेने की कड़ी में रहेंगे। वहीं, युवा ने जय श्री राम के नारे लगाए और उसकी रिहाई का जश्न मनाया। जिला के एस.एस.पी. विनय शर्मा ने बताया कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए और गिरफ्तार किए गए युवा को और पंजाब पुलिस की टीम को सुरक्षित थाने पहुंचाया, जिसके बाद शाम को युवक को जमानत के कागजात दिखाने पर छोड़ दिया गया।
आखिर क्या है सारा मामला
पंजाब की निजी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले जम्मू के छात्र निखिल ने 29 फरवरी को अपने यूटयूब चैनल “देसी डूड विद साइन” पर गत दिनों एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें कथित तौर विश्वविद्यालय वेश्यावृत्ति गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। उसने कॉलेज के आसपास असामाजिक गतिविधियों की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने कपूरथला जिले के सतनामपुरा थाने में आईपीसी की धारा 295 ए, 153, 153 ए और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया। 3 मार्च को पंजाब पुलिस निखिल को उसके आवास पर गिरफ्तार करने के लिए गई लेकिन खाली हाथ वापस आई। जिसके बाद 7 मार्च को यूटयूबर ने वीडियो पोस्ट आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने उसे जम्मू से अपहरण करने की कोशिश की और आप सरकार के इशारे पर पंजाब पुलिस द्वारा उसके खिलाफ की गई मनमानी कार्रवाई पर अफसोस जताया। उसका कहना था कि न तो उस एफ.आई.आर. की कॉपी में उसका नाम था और न ही उनके चैनल का नाम है।