August 27, 2026

शुभांगी शर्मा का चौंकाने वाला खुलासा, बोलीं- इंटीमेट सीन में कुछ एक्टर्स पार कर देते हैं हद

ओटीटी और बोल्ड कंटेंट की दुनिया बाहर से जितनी ग्लैमरस नजर आती है, उसके पीछे कई बार कलाकारों के लिए मुश्किल और असहज अनुभव भी छिपे होते हैं। एक्ट्रेस शुभांगी शर्मा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत में इसी पहलू पर खुलकर बात की। पीयूष भूटानी के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि इंटीमेट और बोल्ड सीन्स की शूटिंग के दौरान उन्हें कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री में कुछ को-एक्टर्स बेहद प्रोफेशनल होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो शूटिंग के दौरान अपनी सीमाएं भूल जाते हैं।

शुभांगी शर्मा

शुभांगी शर्मा बोल्ड सीन का मतलब लिमिट पार करना नहीं

शुभांगी ने बताया कि किसी बोल्ड या इंटीमेट सीन की शूटिंग एक तय प्रक्रिया के तहत होती है। डायरेक्टर कलाकारों को सीन के बारे में समझाते हैं और उसी के अनुसार एक्टर्स को परफॉर्म करना होता है। लेकिन उनकी शिकायत उन लोगों से है जो तय निर्देशों से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं।

एक्ट्रेस के मुताबिक, कुछ लोग सीन के नाम पर ऐसी हरकत कर देते हैं जिससे सामने वाला कलाकार असहज महसूस करने लगता है। उन्होंने कहा कि कुछ को-एक्टर्स ऐसे होते हैं जो मौके का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, खासकर कुछ नए लोग सेट के माहौल और प्रोफेशनल सीमाओं को सही तरीके से नहीं समझते।

डायरेक्टर कुछ कहते हैं, एक्टर कुछ और करने लगते हैं

शुभांगी ने बातचीत में सबसे गंभीर बात यह बताई कि कभी-कभी डायरेक्टर द्वारा बताए गए सीन से अलग तरीके से व्यवहार करने की कोशिश की जाती है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में इंटीमेट सीन करना काफी असहज हो जाता है।

उन्होंने बताया कि कुछ कलाकार बार-बार रीटेक लेने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में वह सीन को बीच में ही रोक देती थीं। उनके लिए सबसे जरूरी चीज सेट पर सुरक्षा, सहमति और प्रोफेशनल माहौल है।

वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर को-एक्टर ऐसा नहीं होता। कई कलाकार शूटिंग के दौरान सामने वाले को सहज महसूस कराने की पूरी कोशिश करते हैं। इससे पता चलता है कि इंटीमेट सीन की शूटिंग में कलाकारों के बीच भरोसा और प्रोफेशनल व्यवहार कितना महत्वपूर्ण है।

शुभांगी शर्मा सेट पर असहज हुईं तो सीन छोड़ दिया

एक्ट्रेस के मुताबिक, जब उन्हें लगता था कि स्थिति उनकी तय सीमा से बाहर जा रही है, तो वह सीन को आगे जारी नहीं रखती थीं। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार को केवल इसलिए असहज परिस्थिति स्वीकार करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह किसी बोल्ड प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

इंटीमेट सीन भी बाकी शूटिंग की तरह एक एक्टिंग परफॉर्मेंस होता है। कैमरे के सामने दिखाई देने वाली केमिस्ट्री और वास्तविक जिंदगी की भावनाओं को अलग रखना जरूरी होता है। शुभांगी ने भी बातचीत में बताया कि ऐसे सीन के दौरान डायरेक्टर लगातार निर्देश देता रहता है, इसलिए इसे वास्तविक भावनाओं से जोड़ना सही नहीं है।

सोशल मीडिया पर भी झेलती हैं आपत्तिजनक मैसेज

शुभांगी ने सिर्फ शूटिंग सेट की परेशानियों की बात नहीं की, बल्कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले मैसेज का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वेब सीरीज रिलीज होने के बाद उन्हें कई तरह के आपत्तिजनक और निजी संदेश मिलते हैं। कुछ लोग बिना अनुमति वीडियो कॉल करने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ बेहद निजी और अनुचित तस्वीरें भेजते हैं। कुछ यूजर्स शादी के प्रस्ताव तक भेजते हैं।

यह समस्या सिर्फ एक कलाकार तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया की पहुंच बढ़ने के साथ एक्टर्स और अन्य पब्लिक फिगर्स को ऑनलाइन उत्पीड़न और निजी सीमाओं के उल्लंघन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शुभांगी की बात क्यों है महत्वपूर्ण?

शुभांगी शर्मा की बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने बोल्ड कंटेंट में काम करने वाले कलाकारों के पेशेवर अधिकारों और व्यक्तिगत सीमाओं की ओर ध्यान खींचा है। किसी भी सीन की बोल्डनेस का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि कलाकार की सहमति और सीमाओं को नजरअंदाज किया जाए।

उनके बयान से यह सवाल भी उठता है कि शूटिंग सेट पर इंटीमेट सीन्स के लिए स्पष्ट नियम, आपसी सहमति और सुरक्षित कार्य वातावरण कितना जरूरी है। पर्दे पर दिखने वाला सीन भले कुछ मिनट का हो, लेकिन उसे शूट करने के पीछे कलाकारों की तैयारी, मानसिक सहजता और प्रोफेशनल अनुशासन बेहद अहम होता है।

शुभांगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए यही संकेत दिया कि बोल्ड इंडस्ट्री में काम करना और अपनी सीमाओं की रक्षा करना—दोनों चीजें एक साथ संभव हैं। जरूरत सिर्फ ऐसे माहौल की है जहां हर कलाकार की सहमति और सम्मान को प्राथमिकता दी जाए।

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