प्रियंका गांधी ने ‘लोकतंत्र बचाओ महारैली’ के मंच से जनता को संबोधित करते हुए चुनाव आयोग से पांच सूत्री मांगें रखीं। उन्होंने पहली मांग रखते हुए कहा, “चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव में सभी दलों को एक समान अवसर सुनिश्चित करना चाहिए।”
दूसरी मांग का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा, “चुनाव में हेराफेरी के मकसद से विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों के जरिए कार्रवाई की जा रही है। चुनाव आयोग को एजेंसियों के एक्शन को रोकना चाहिए।”
तीसरी मांग के बारे में बताते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को तुरंत रिहा किया जाए।” केजरीवाल शराब नीति मामले में ईडी की हिरासत में हैं, जबकि सोरेन जमीन घोटाले में बंद हैं।
प्रियंका ने चौथी मांग का जिक्र करते हुए कहा, “चुनाव के दौरान विपक्षी राजनीतिक दलों का आर्थिक रूप से गला घोंटा जा रहा है। इस तरह की जबरन हो रही कार्रवाई पर भी तुरंत रोक लगानी चाहिए।”
प्रियंका ने पांचवीं मांग का जिक्र करते हुए कहा, “इलेक्टोरल बॉन्ड का इस्तेमाल कर बीजेपी के जरिए बदले की भावना, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) का गठन होना चाहिए।”
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