मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पांचवें टेस्ट में फिर से स्पिनरों का प्रभाव देखने के संभावना है। वास्तव में, धर्मशाला में वर्तमान मौसम का अवस्था बुरा है। आगामी कुछ दिनों में वहां बारिश हो सकती है और मैच पर कोई प्रभाव पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समस्या से बचने और मैच को जल्दी समाप्त करने के लिए पिच को स्लो टर्नर बनाया जा सकता है। इसके अलावा, अनियमित बरसात के कारण क्यूरेटर को पिच पर अधिक काम करने का अवसर नहीं मिला। यहाँ तक कि क्यूरेटर भारतीय टीम प्रबंधन के साथ वार्ता करने की उम्मीद है और वे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे कि अंतत: तैयार की गई पिच किस प्रकार की होगी।
धर्मशाला में सिर्फ एक टेस्ट खेला गया
इस रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड को स्लो टर्निंग विकेट के कारण एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। धर्मशाला में अब तक केवल एक टेस्ट मैच खेला गया है। सन् 2017 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए इस मुकाबले में जीत टीम इंडिया के हाथ लगी थी। इस मैदान पर पहली पारी में औसत स्कोर 300 रन का रहा है, जबकि दूसरी पारी में औसत स्कोर 332 रन का रहा है। तीसरी पारी में औसत स्कोर 137 का है, तो चौथी पारी में औसत स्कोर 106 का है।
धर्मशाला में स्पिनरों ने ज्यादा विकेट लिए
धर्मशाला में अब तक खेले गए एक ही टेस्ट मैच में कुल 30 विकेट गिर चुके थे। इसमें से 12 विकेट तेज गेंदबाजों और 18 विकेट स्पिनरों ने लिए थे। ऐसे में इस बार भी स्पिनरों को मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, टीम इंडिया को जसप्रीत बुमराह की वापसी से भी फायदा हो सकता है। उन्हें रांची में चौथे टेस्ट से आराम दिया गया था। देखने लायक होगा कि रांची में जबरदस्त डेब्यू करने वाले आकाश दीप को मौका मिलता है या टीम मैनेजमेंट मोहम्मद सिराज पर ही भरोसा करती है। रविचंद्रन अश्विन के लिए यह 100वां टेस्ट मैच होगा और वह इस मौके को खास बनाने की चाह रखेंगे।
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