February 4, 2026
उड़ानें प्रभावित

उड़ानें प्रभावित: घने कोहरे और खराब मौसम से हवाई यातायात पर बड़ा असर

भारत मैं उड़ानें प्रभावित

देश के कई हिस्सों में जारी घने कोहरे और खराब मौसम ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासतौर पर उत्तर भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों के रद्द होने और देरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, लखनऊ और जयपुर जैसे एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। मौसम की इस मार का सीधा असर यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ा है।

दिल्ली और चंडीगढ़ एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित

राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिसके कारण कई उड़ानों को या तो रोका गया या डायवर्ट करना पड़ा। वहीं चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी घने कोहरे के कारण लैंडिंग और टेक-ऑफ में परेशानी आई। कई यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा।

दर्जनों उड़ानें रद्द, सैकड़ों देरी का शिकार

खराब मौसम के चलते कई घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में उड़ानें देरी से संचालित हुईं। सुबह के समय उड़ानों पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, क्योंकि कोहरे के कारण रनवे पर दृश्यता बेहद सीमित थी। इससे एयरलाइंस को सुरक्षा कारणों से कड़े फैसले लेने पड़े।

उड़ानें प्रभावित : यात्रियों को हुई भारी परेशानी

उड़ानों के रद्द और विलंबित होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोगों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई, तो कुछ यात्री अपने जरूरी काम या पारिवारिक कार्यक्रमों में समय पर नहीं पहुंच पाए। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और एयरलाइंस से बेहतर सूचना व्यवस्था की मांग की।

एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी

स्थिति को देखते हुए विभिन्न एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। इसके अलावा, यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और मौसम से जुड़ी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

 

उड़ानें प्रभावित

 

एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका

घने कोहरे के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ATC कई बार उड़ानों को रोकने या वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम दृश्यता में उड़ान संचालन करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में घना कोहरा बना रह सकता है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता और कम हो सकती है। इसका मतलब है कि हवाई यातायात पर असर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है।

तकनीक के बावजूद मौसम बना चुनौती

हालांकि कई बड़े एयरपोर्ट पर कैट-III लैंडिंग सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक मौजूद है, जो कम दृश्यता में भी विमानों की लैंडिंग में मदद करती है, लेकिन हर एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, सभी पायलट और विमान इस सिस्टम के अनुकूल नहीं होते, जिससे उड़ानों पर असर पड़ता है।

यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव

विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:

उड़ान की स्थिति नियमित रूप से चेक करें

एयरलाइन की ओर से भेजे गए मैसेज और ईमेल पर ध्यान दें

अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचे

वैकल्पिक यात्रा योजनाओं पर भी विचार करें

कुल मिलाकर, घने कोहरे और खराब मौसम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्राकृतिक परिस्थितियां आधुनिक हवाई यातायात के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों का रद्द या विलंबित होना जरूरी कदम है, लेकिन इससे आम लोगों को होने वाली परेशानी भी नजरअंदाज नहीं की जा सकती। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के साथ ही हवाई यातायात के सामान्य होने की उम्मीद की जा रही है।