February 4, 2026
शटडाउन

अमेरिका में शटडाउन संकट क्या है और क्यों शुरू हुआ?

 शटडाउन  

अमेरिका में 1 फरवरी 2026 की आधी रात को संघीय सरकार का आंशिक शटडाउन शुरू हो गया जब कांग्रेस (US Congress) समय पर 2026 के लिए बजट पास नहीं कर सकी। ऐसा तब होता है जब संसदीय सदन बजट या उसके हिस्सों को मंज़ूरी नहीं दे पाते और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेज नहीं पाते। इससे सरकार के कई विभागों की फंडिंग रुक जाती है और वे कामकाज बंद कर देते हैं।

अमेरिका की सरकार का बजट हर साल 1 अक्टूबर को शुरू होता है और कांग्रेस को उस बजट पर सहमति बनानी होती है। अगर वे समय पर सहमति नहीं कर पाते हैं, तो फंडिंग खत्म हो जाती है और “शटडाउन” शुरू हो जाता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ — कांग्रेस में दोनों पार्टीज़ रिपब्लिकन (Republicans) और डेमोक्रेट्स (Democrats) के बीच भारी मतभेद के कारण बजट पारित नहीं हो पाया।

मुख्य विवाद: DHS और ICE फंडिंग

इस शटडाउन का सबसे बड़ा कारण है होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (Department of Homeland Security – DHS) और इसके अंतर्गत आने वाले आयात और सीमा सुरक्षा एजेंसी (ICE – Immigration and Customs Enforcement) के लिए फंडिंग पर जोरदार विवाद।

डेमोक्रेट नेताओं ने DHS और ICE पर नए नियम और सुधार लागू करने की मांग की—जिनमें शामिल हैं:

ICE एजेंटों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य करना

एजेंटों के लिए पहचान स्पष्ट करना (mask हटाना)

अदालत द्वारा अनुमोदित सर्च वारंट की ज़रूरत

गृह सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रोविंग (स्वतंत्र) तलाशी और गिरफ्तारी पर रोक

डेमोक्रेट्स का तर्क है कि यह सुधार नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है, खासकर उन मामलों के बाद जब मिनीसोटा में ICE अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों की मौत हो गई थी — जिसके कारण राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई।

रिपब्लिकन नेता, खासकर हाउस स्पीकर माइक जॉनसन, DHS के लिए फंडिंग को अलग करके बाकी बजट को पास करने का प्रस्ताव रख रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे ट्यूस्डे (3 फरवरी) तक सरकार का शटडाउन खत्म करने के लिए जरूरी वोट जुटा सकते हैं — लेकिन यह बिना डेमोक्रेट समर्थन के हो सकता है।

 शटडाउन  : राजनीतिक ज़रूरतें और मतभेद

अमेरिका की कांग्रेस में बजट बिल पारित करने के लिए दो स्पष्ट चरण होते हैं:

केंद्रिय बजट बिल (Appropriations Bill) — जिसमें अमेरिका के सभी सरकारी विभागों की फंडिंग तय होती है।

स्पेशल रूल वोट (Procedural Rule Vote) — जो सदन के कामकाज़ नियम तय करता है कि बिल पर कैसे बहस और वोट होगा।

इस बार कांग्रेस में पहले से ही DHS के मुद्दे पर मतभेद बन गए थे, जिसके कारण बिल को समय पर पास नहीं किया गया। डेमोक्रेट्स ने कहा कि वे इस्तमाल हो रहे ICE कार्रवाई और DHS नीतियों के खिलाफ हैं और इसके लिए बदलाव चाहते हैं। रिपब्लिकन का कहना है कि DHS को बिना शर्त फंडिंग मिलनी चाहिए ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा बनी रहे।

शटडाउन की शुरुआत अमेरिका के कई विभागों — जैसे रक्षा (Defense), स्वास्थ्य (Health), परिवहन (Transportation), शिक्षा (Education) तथा गृह सुरक्षा (Homeland Security) — की फंडिंग के रुक जाने से हुई। हालांकि कुछ महत्वपूर्ण सेवाएँ जैसे सैन्य, आपातकालीन सेवाएँ और सोशल सिक्योरिटी जैसे कार्यक्रम जारी रहेंगे क्योंकि उन्हें अलग टैक्स-आधारित फंडिंग मिली हुई है।

 

 शटडाउन

 

शटडाउन का प्रभाव

आंशिक शटडाउन का प्रभाव विभिन्न तरीकों से दिखता है:

सरकारी कर्मचारी

कई फेडरल कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी (Furlough) पर भेजा जाएगा।

कुछ कर्मचारी जिन्हें “आवश्यक (Essential)” माना जाता है, बिना वेतन काम करेंगे।

सरकारी सेवाएँ

पासपोर्ट, कार्यालयीय सेवाएँ और ऐसे कई विभागों की कार्यप्रणाली धीमी या बंद हो सकती है।

राष्ट्रीय पार्कों, संग्रहालयों या अन्य गैर-आवश्यक सेवाओं पर रोक लग सकती है।

आर्थिक प्रभाव

शटडाउन आर्थिक अनिश्चितता पैदा कर सकता है, जिससे बाजारों में तनाव और उपभोक्ता विश्वास पर असर पड़ सकता है।

यदि शटडाउन लंबा चलता है, तो रोज़गार, उपभोक्ता खर्च और आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक असर हो सकता है।

पिछले अनुभव बताते हैं कि शटडाउन का लंबा प्रभाव GDP और आर्थिक सेक्टर को प्रभावित करता है।

आगे क्या हो सकता है?

हाउस स्पीकर ने कहा है कि वे मंगलवार तक सरकार की फंडिंग बहाल करने का लक्ष्य रखते हैं।

डेमोक्रेट्स ने स्पष्ट किया है कि वे DHS और ICE के एजेंटों पर नियंत्रण के बिना फंडिंग का समर्थन नहीं करेंगे।

अगर कोई सामूहिक समझौता नहीं होता है, तो शटडाउन कुछ और दिन तक जारी रह सकता है, जिससे जनता और कर्मचारियों पर और दबाव पड़ेगा।

संक्षेप में, अमेरिका का यह आंशिक शटडाउन बजट असहमति और DHS/ICE नीतियों के मुद्दे पर राजनीतिक लड़ाई के कारण हुआ है। इसका असर सरकारी कामकाज, कर्मचारियों के वेतन, सेवाओं की उपलब्धता और आर्थिक स्थिति पर दिखने लगा है। कांग्रेस अब आगे की कार्रवाई के लिए मतदान और समझौता खोजने की कोशिश कर रही है ताकि जल्द से जल्द सरकार को फिर से सामान्य रूप से चलाया जा सके।