यही नहीं, महागठबंधन का साथ छोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी से हाथ मिला लिया था और एनडीए का हिस्सा बन गए थे। यही कारण है कि वर्तमान समय में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
रुझानों के मुताबिक, इस समय बीजेपी 238 सीटों पर आगे चल रही है और 3 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन 228 सीटों पर आगे है। इस प्रतिस्पर्धा ने चुनावी माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है।
इससे पहले, दिल्ली दौरे पर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना रवाना होने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ फोन पर लंबी बातचीत की थी। इसके अलावा, सोमवार को ही दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात हुई थी। पीएम आवास पर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और इसके कुछ घंटे बाद ही बीजेपी के रणनीतिकार एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ फोन पर हुई नीतीश कुमार की बातचीत को मंगलवार को होने वाली काउंटिंग और चुनावी नतीजों के बाद बनने वाली सरकार के गठन के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। यह बातचीत आगामी राजनीतिक निर्णयों और सरकार के गठन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नीतीश कुमार की इन मुलाकातों और बातचीत से राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण उभरने की संभावना है, जिससे देश की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।