सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कमांडेंट स्तर के एक अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं। कांस्टेबल, उस दिन हवाई अड्डे पर मौजूद उनके सहयोगियों, पाली प्रभारी और कुछ एयरलाइन अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में कुछ वक्त लगेगा, जिसके बाद उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा। कौर पंजाब के कपूरथला जिले की रहने वाली हैं और उन्होंने 2009 में सीआईएसएफ में शामिल हुई थीं। वह 2021 से चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ के विमानन सुरक्षा समूह में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
इस घटना ने कौर के करियर पर गंभीर असर डाला है, और जांच पूरी होने तक उन्हें बेंगलुरु में तैनात किया गया है। कौर के खिलाफ उठाए गए इस कदम से सीआईएसएफ का उद्देश्य है कि मामले की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे और सही समय पर उचित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के नतीजे आने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सीआईएसएफ में रहते हुए, अब तक कुलविंदर कौर के खिलाफ कोई सतर्कता जांच नहीं हुई है और न ही उन्हें कोई सजा मिली है। उनके पति भी चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर तैनात थे। कहा जा रहा है कि कौर, देश में हुए किसान आंदोलन पर कंगना रनौत के रुख को लेकर उनसे नाराज थीं।
कंगना रनौत (38) हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई हैं। यह घटना तब घटी जब कंगना दिल्ली जा रही थीं। सीआईएसएफ ने कौर को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। कौर को अनुशासनात्मक जांच पूरी होने तक बेंगलुरु में 10वीं रिजर्व बटालियन में तैनात किया गया है। इस मामले की जांच वरिष्ठ कमांडेंट स्तर के अधिकारी कर रहे हैं, जिसमें कांस्टेबल, उनके सहयोगियों, पाली प्रभारी और एयरलाइन अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा।