एमपी के पूर्व सीएम के बीजेपी में जाने की अटकलों पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि हमारी शिवसेना के भी कुछ लोग चलेगए, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है. ऐसे लोग बेईमान और बेवफा होते हैं.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि इसको लेकर अबतक न तो कांग्रेस ने क्लीयर किया है और न ही कमलनाथ की ओर से स्पष्ट किया गया है. एक ओर मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता ऐसी खबरों को अफवाह बता रहे हैं, जबकि कांग्रेकांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कमलनाथ को लेकर बात करने से ही इनकार कर दिया है. इस बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा है कि हमारी शिवसेना के भी कुछ लोग चले गए हैं, इससे क्या फर्क पड़ता है.
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे लोग डरपोक होते हैं, जो पार्टी के नाम पर पैसा और धन कमाते हैं तो वो ईडी के डर से जाते हैं. ये बेईमान और बेवफा लोग होते हैं. 2024 में जब मध्य प्रदेश के लोकसभा चुनाव होंगे, तो पता चलेगा इस शख्स की हैसियत क्या है. हालांकि शिवसेना नेता ने आगे कहा कि अगर वे भाजपा में जाना चाहते हैं तो जाएं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कमलनाथ जी जाएंगे. डरपोक लोगों से पार्टी नहीं बनती, पार्टी तो कार्यकर्ता से बनती है.
इससे पहले जब कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश से कमलनाथ के बीजेपी में जाने की अटकलों को लेकर पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि मैं काशी विश्वनाथ की बात करता हूं, कमलनाथ की नहीं.
सियासी गलियारों में चर्चा है कि कमलनाथ अपने सांसद बेटे नकुलनाथ और करीब एक दर्जन विधायक व पूर्व विधायकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं. इन अटकलो के बीच कमलनाथ, बेटे नकुल के साथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे और मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर कुछ ऐसा होगा तो आप लोगों को सबसे पहले सूचित करूंगा.
राज्यसभा सीट को लेकर कमलनाथ की नाराजगी!
सूत्रों की मानें तो कमलनाथ कांग्रेस द्वारा राज्यसभा सीट नहीं दिए जाने से नाराज हैं. बताया जा रहा है कि पिछले साल राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार को लेकर राहुल गांधी कमलनाथ से नाराज हैं और इसी के चलते उन्हें पार्टी ने राज्यसभा नहीं भेजा.
अब इससे नाराज होकर कमलनाथ पार्टी छोड़ सकते हैं. विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद जीतू पटवारी को राज्य की कमान सौंपी गई थी|
बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 230 सीटों में से 163 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी. वहीं कांग्रेस सिर्फ 66 सीटें जीतने में कामयाब रही. इस चुनाव में मिली हार को लेकर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था. पार्टी इस चुनाव में जीत के बड़े-बड़े दावे कर रही थी.
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