किसान आंदोलन: किसान एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर फिलहाल अड़े हैं. केंद्र के साथ उनके नेताओं की चार दौर की बात हुई लेकिन वे सारी बेनतीजा साबित हुईं.
Farmer Protest: किसान आंदोलन 2.0 के बीच केंद्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाला गृह मंत्री हरकत में नजर आया है. मंत्रालय की ओर से इसी कड़ी में पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेटर लिखा है और आगाह किया है कि अन्नदाताओं की आड़ में उपद्रवी भारी मशीनरी जुटा रहे हैं. वे पथराव कर रहे हैं. ऐसे में उनके खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिया जाना चाहिए.
सूत्रों के हवाले से मंगलवार (20 फरवरी, 2024) को समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि केंद्र के अनुमान की मानें तो पंजाब-हरियाणा सीमा पर 1,200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, 300 कारें और 10 मिनी बसों के अलावा कई और छोटे वाहनों के साथ लगभग 14,000 लोग जमा हैं. यही वजह है कि केंद्र ने इस मुद्दे पर पंजाब सरकार के सामने कड़ी आपत्ति जाहिर की.

किसान आंदोलन: पंजाब की AAP सरकार से और क्या बोला गृह मंत्रालय?
मान सरकार को लिखी चिट्ठी में गृह मंत्रालय ने दो टूक कहा- पंजाब में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पिछले कुछ दिनों से चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि ऐसा लगता है कि विरोध की आड़ में उपद्रवियों और कानून तोड़ने वालों को पथराव करने और भारी मशीनरी जुटाने की खुली छूट दे दी गई है और उनका इरादा पड़ोसी राज्यों में अशांति और अव्यवस्था पैदा करना है. ऐसे में किसानों के विरोध की आड़ में विघटनकारी गतिविधियां कर रहे सभी लोगों पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल समीक्षा किए जाने और कड़ी कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया जाता है.
किसान आंदोलन: राजमार्गों पर ट्रैक्टर–ट्रॉली आदि के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति
मंत्रालय ने यह भी बताया कि रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने पंजाब सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में इकट्ठा न हों और उसने खासकर राजमार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी और अन्य भारी उपकरणों के इस्तेमाल पर गंभीर आपत्ति जताई है.
पंजाब–हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर फिलहाल ऐसा है आलम
दरअसल, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 14,000 लोगों को राजपुरा-अंबाला रोड पर शंभू बैरियर पर एकजुट होने दिया गया और उनके साथ लगभग 1,200 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 300 कार,10 मिनी बस और अन्य छोटे वाहन भी हैं. दावा है कि इसी तरह, पंजाब ने ढाबी-गुजरां बैरियर पर करीब 500 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लगभग 4,500 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति दी है.
या तो हमारी मांगें स्वीकार करें या दिल्ली जाने दें
सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि या तो हमारी मांगें स्वीकार करें या हमें दिल्ली जाने दें. प्रदर्शनकारी किसान बैरिकेड तोड़ना नहीं चाहते, लेकिन कोई हमारी बात नहीं सुन रहा. हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी को नुकसान न पहुंचे. हम नहीं चाहते कि किसी की जान जाए. लेकिन यह सरकार सुन नहीं रही है.

किसान आंदोलन: पंजाब के हर गांव के किसानों से बॉर्डर पर आने की अपील
बीकेयू (एकता सिधुपुर) के महासचिव काका सिंह कोटडा ने पंजाब के हर गांव से किसानों से मंगलवार तक खनौरी और शंभू बॉर्डर पर जुटने का आग्रह किया है. तीन कृषि यूनियनों – पंजाब किसान यूनियन (बागी), सदा एका जिंदाबाद मोर्चा पंजाब और किसान मजदूर नौजवान एकता पंजाब ने भी खनौरी और शंभू बॉर्डर पर जाकर किसान आंदोलन में शामिल होने व विरोध-प्रदर्शन को समर्थन देने का वादा किया है.
किसान आंदोलन: हम नहीं होंगे उग्र, शांति से जीते जाते हैं आंदोलन-
सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि सरकार की नियत में खोट है. नियत साफ होती तो ऐसा न करते. सरकार जल्द बताए कि C2+50 का फॉर्मूले पर क्या कर रही है? मनरेगा मजदूरी पर क्या कर रही है? बैठक में मंत्री 3 घंटे देरी से आते हैं. इतना समय किसी के पास नहीं है. शांति से आंदोलन जीते जाते हैं. सरकार चाहती है कि हम उग्र हों, लेकिन हम उग्र नहीं होंगे. अगर सरकार मसला हल नहीं क सकती तो आराम से हमें दिल्ली जाने दे.
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