February 4, 2026
डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने BBC पर किया 10 अरब डॉलर का मानहानि मुकदमा, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कारण है ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) के खिलाफ दायर किया गया उनका 10 अरब डॉलर का मानहानि मुकदमा। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि BBC ने उनके एक भाषण को गलत तरीके से संपादित कर पेश किया, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस मामले ने न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के मीडिया और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

क्या है पूरा मामला?

डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि BBC ने 6 जनवरी 2021 से जुड़े उनके भाषण को एक डॉक्यूमेंट्री में इस तरह प्रस्तुत किया, जिससे यह संदेश गया कि उन्होंने हिंसा को बढ़ावा दिया था। ट्रंप का कहना है कि उनके शब्दों को संदर्भ से बाहर निकालकर दिखाया गया और जरूरी हिस्सों को काट दिया गया, जिससे दर्शकों को गुमराह किया गया।

ट्रंप के अनुसार, यह सिर्फ पत्रकारिता की गलती नहीं बल्कि एक जानबूझकर की गई कार्रवाई थी, जिसका मकसद उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना था। इसी आधार पर उन्होंने BBC पर भारी भरकम हर्जाने का दावा किया है।

ट्रंप का पक्ष

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि मीडिया की निष्पक्षता लोकतंत्र की नींव होती है, लेकिन जब कोई बड़ा मीडिया संस्थान तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा बन जाता है। उन्होंने कहा कि यह मुकदमा केवल उनके लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा के लिए है।

ट्रंप समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ट्रंप के खिलाफ नकारात्मक कवरेज करते रहे हैं और यह मामला उसी का एक उदाहरण है।

 

डोनाल्ड ट्रंप

 

डोनाल्ड ट्रंप  : BBC की प्रतिक्रिया

BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी रिपोर्टिंग तथ्यों और संपादकीय मानकों के अनुरूप थी। हालांकि, यह भी कहा गया कि अगर किसी को उनके कंटेंट से आपत्ति है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका समाधान किया जाएगा। BBC ने फिलहाल किसी तरह की कानूनी गलती स्वीकार नहीं की है।

राजनीतिक और मीडिया जगत में प्रतिक्रिया

इस मुकदमे के बाद अमेरिका और यूरोप के मीडिया जगत में बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर दबाव मान रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि बड़े मीडिया संस्थानों को भी जवाबदेह होना चाहिए।

अमेरिकी राजनीति में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि वह अक्सर मीडिया को निशाना बनाते हैं, जबकि समर्थक इसे उनकी मजबूत और आक्रामक नेतृत्व शैली का हिस्सा मानते हैं।

क्यों अहम है यह मामला?

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि:

इसमें एक पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति शामिल हैं

मुकदमे की राशि बेहद बड़ी है

यह मीडिया की जिम्मेदारी और स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा करता है

इसका असर अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता पर भी पड़ सकता है

अगर ट्रंप इस केस में सफल होते हैं, तो यह दुनिया भर के मीडिया संस्थानों के लिए एक बड़ा कानूनी उदाहरण बन सकता है।

 

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आगे क्या?

फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और दोनों पक्षों के तर्क सामने आएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानहानि के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।

डोनाल्ड ट्रंप और BBC के बीच यह कानूनी लड़ाई केवल दो पक्षों का विवाद नहीं है, बल्कि यह आधुनिक मीडिया, राजनीति और जनमत को प्रभावित करने वाली एक बड़ी घटना बन चुकी है। आने वाले समय में इसका असर अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता और राजनीतिक संवाद पर साफ दिखाई दे सकता है।