June 10, 2026

पंजाब अवैध खनन पर बड़ा खुलासा अधिकारिओं की मिलीभगत, विपक्ष से निशाना

पंजाब में अवैध खनन पर डीजीपी को तीन पन्नों की रिपोर्ट सौंपी गई है, जो इंटेलिजेंस प्रमुख द्वारा तैयार की गई है। इसके साथ ही, डीजीपी को आगामी कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर, विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाने की शुरुआत की है।

पंजाब में अवैध माइनिंग और खनन के मामले पर इंटेलिजेंस ने पंजाब पुलिस को रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वे अधिकारी जो अवैध खनन को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं, वे खुद अपने क्षेत्र में खनन करवा रहे हैं। इसमें एसडीओ से लेकर निचले स्तर के अधिकारियों तक सभी शामिल हैं।

पंजाब अवैध खनन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रिपोर्ट तैयार करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद इंटेलिजेंस ने तरनतारन, पठानकोट, गुरदासपुर, जालंधर और होशियारपुर क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट का सामना करने के बाद कांग्रेस के सुखपाल सिंह खैरा ने इसके बारे में टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत मान ने प्रदेश में अवैध माइनिंग की पूरी बंद हो चुकी है यह दावा किया है, लेकिन इंटेलिजेंस की रिपोर्ट कुछ और ही बयान कर रही है।

इंटेलिजेंस की रिपोर्ट

पठानकोट: एरिया एसडीओ के साथ मिलकर अवैध माइनिंग

शाहपुरकंडी के थाना गांव मनवाल में संदीप सिंह, जिन्हें कालू के नाम से भी जाना जाता है, अवैध माइनिंग का काम करते हैं। इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आरोपी संदीप सिंह, माइनिंग विभाग पठानकोट के अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध काम कर रहे हैं। सुजानपुर के छनी गांव में आरोपी शमशेर सिंह, जो एसडीओ के साथ मिलकर अवैध माइनिंग करते हैं। पंगोली के शाहपुरकंडी में आरोपी राकेश सिंह, जो रिंकू के नाम से भी जाने जाते हैं, माइनिंग विभाग पठानकोट के एसडीओ के साथ यह कार्य करते हैं। वैसे ही पठानकोट में शिवा स्टोन क्रशर और एसपी स्टोन क्रशर के मालिक, जो रात के समय माइनिंग करते हैं, इसमें एसडीओ भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, श्रीओम स्टोन क्रशर, ठाकुर स्टोन क्रशर और बाबा बुड्ढा स्टोन क्रशर भी सरकारी पर्ची पर अवैध माइनिंग करते हैं।

तरनतारन: नदी के किनारे निवास बनाने का आरंभ किया गया है

जिले के थाना वैरोवाल क्षेत्र में स्थित गांव भलाईपुर में निवास करने वाले कालू गुजर ने अब ब्यास नदी के किनारे घर बनाकर रहना शुरू कर दिया है। रात के समय, उन्होंने अवैध ढंग से नदी की रेत निकालना भी शुरू कर दिया है। इसी तरह, श्रीगोइंदवाल के गांव धुंदा में फकीर सिंह और काकू सिंह भी ब्यास नदी से अवैध माध्यम से रेत निकालते हैं।

गुरदासपुर: खनन रात के समय में जारी है

रिपोर्ट के अनुसार, काहनूवान के गांव बेरी थाना के अंतर्गत पंचायती सदस्य ही पंचायत की 150 एकड़ जमीन पर अवैध माइनिंग कर रहे हैं। रसण कंदरा, मनजीत सिंह, और केवल सिंह रात के समय ब्यास नदी से अवैध माइनिंग करते हैं।

जालंधर और होशियारपुर में, 150 एकड़ जमीन से रेत और बजरी निकाली जा रही है

सतलुज नदी के किनारे स्थित जालंधर के गांव सियानी में जोगिंदर सिंह अपनी जमीन पर अवैध माइनिंग का व्यवसाय चलाता है। होशियारपुर के पिंड हंदवाल, उलाहा, चक्कमीरपुर, चंगड़वां, सथवां और पट्टी में शाही स्टोन क्रेशर, वशिष्ट स्टोन क्रेशर, न्यू गोल्डन, बाला जी और भारत स्टोन क्रेशर के मालिक 100 से 150 एकड़ जमीन पर अवैध ढंग से माइनिंग कर रहे हैं। इसी तरह जंडोर गांव में लाल हुसैन अवैध माइनिंग करते हैं।

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