February 4, 2026
बदायूं हत्या मामला

बदायूं हत्या मामला: साजिद पर ‘ऊपरी हवाओं’ का प्रभाव था… एसएसपी के बयान से और अधिक उलझी गुत्थी… क्या उन दो हत्याओं का सच खुलेगा?

बदायूं हत्या मामला

बदायूं हत्या मामला अपडेट: बदायूं में दो निर्दोष भाइयों की हत्या करने वाले साजिद को एनकाउंटर में मार गिराया गया है और उसका भाई जावेद भी गिरफ्तार किया गया है, लेकिन अभी भी पुलिस के पास कई सवाल हैं जिनके उत्तर नहीं हैं।

बदायूं हत्या मामला

हाइलाइट्स

बदायूं में  दो बच्चों की हत्या के बाद साजिद का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया
वहीं 25000 का इनामी साजिद का भाई जावेद ने बरेली में सरेंडर कर दिया

बदायूं हत्या मामला

उत्तर प्रदेश के बदायूं में, दो बच्चों की हत्या के बाद, पुलिस ने साजिद को एनकाउंटर कर दिया। उसके भाई जावेद ने बरेली में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और बदायूं ले आई। एसएसपी द्वारा 6:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें साजिद को मानसिक बीमार बताया गया, जो अक्सर एग्रेसिव भी होता था। यह सभी घटनाएँ एसएसपी द्वारा जावेद के संबंध में बताई गईं, लेकिन फिर भी मीडिया को उत्तर नहीं मिला। हत्या का मोटिव अब भी निष्क्रिय है।

बदायूं हत्या मामला

जानिए कि विश्व भर में प्रसिद्ध बड़े और छोटे सरकारों के मनोरंजन स्थलों पर मानसिक रोगियों का इलाज किया जाता है। यहाँ पर सभी समुदायों के लोग मानते हैं कि यदि कोई व्यक्ति ऊपरी हवाओं या मानसिक बीमारी से पीड़ित है, तो उसे यहाँ कुछ समय के बाद ठीक हो जाता है। बार-बार लोगों को जंजीरों में बांधे जाने की खबरें भी आती हैं। आज, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एनकाउंटर में मारे गए साजिद यहाँ इलाज करवाने आता था। उसकी मानसिक स्थिति बीमार थी, जिसकी वजह से वह अक्सर चिढ़चिढ़ा हो जाता था। मोहल्ले के अनुसार, वह शांत प्रकृति का व्यक्ति था। वह पिछले कुछ सालों से अपने भाई के साथ सैलून चला रहा था। लेकिन उस दिन क्या हुआ, यह अब भी एक रहस्य है। एसएसपी का कहना है कि जांच अभी भी चल रही है।

बदायूं हत्या मामला:साजिद का इलाज इस दरगाह पर हुआ था

एसएसपी के मुताबिक, 10 साल की उम्र से ही साजिद के परिजन उसे इलाज के लिए बड़े और छोटे सरकार की दरगाह पर ले जाते थे। वहां उसे बहुत समय तक रहने की भी व्यवस्था की जाती थी। हालांकि हम अभी इस मामले की जाँच कर रहे हैं, लेकिन जब भी उसे किसी समस्या का सामना करना पड़ता, तो साजिद बहुत ही आग्रही हो जाता था। शायद घटना की रात भी ऐसा ही हुआ हो।

बदायूं हत्या मामला

अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं

लेकिन अगर साजिद इतना बीमार था तो उसने नाइ की दुकान कैसे संभाली, जबकि किसी भी से उसकी नोकझोंक नहीं हुई थी। वह सभी कामों को अच्छे से करता था और किसी भी से कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ। इन सभी सवालों के जवाब अभी तक पुलिस के पास नहीं हैं। जैसे छुरे से बच्चों की हत्या के बाद एफआईआर में तमंचा कैसे बरामद हुआ, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। अब देखने योग्य है कि पुलिस जावेद को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लेकर इन सवालों के उत्तर कैसे निकालती है, ताकि सभी संतुष्ट हों।