राजनीति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी जंग, ED के सिर्फ 3 % राजनेताओं के खिलाफ मामला

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजने के माध्यम से होने वाले लाभों को बताते हुए कहा कि ‘सरकार ने डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक फर्जी लाभार्थियों को हटाने में महत्वपूर्ण मदद प्राप्त की है। इससे सरकार ने लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये की बचत की है, जो गलत हाथों में जा रहे थे।’

प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि भ्रष्टाचार का प्रभाव किसी भी स्तर पर पूरे देश के लोगों पर होता है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार को खत्म करना उनकी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि ईडी के आरोप लगाने में केवल तीन प्रतिशत मामले राजनीतिक लोगों के खिलाफ होते हैं। एक हाल ही के साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने भाजपा को लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत की उम्मीद जताई है। उन्होंने अपनी सरकार की पिछले 10 वर्षों की उपलब्धियों की चर्चा की, जिसमें विकास, सामाजिक जनकल्याण, और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किए गए कामों को भी शामिल किया गया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और राम मंदिर के निर्माण की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

हम भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगे

प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार का पिछले 10 वर्षों में मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को समाप्त करना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कठोर कार्रवाई भ्रष्ट व्यक्तियों के खिलाफ जारी रहेगी। भ्रष्टाचार, चाहे वह किसी भी स्तर पर हो, देश के लोगों को प्रभावित करता है। इस परिस्थिति में, जो व्यक्ति देश की भलाई के लिए निर्धारित पैसे को चोरी करता है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई हमेशा जारी रहेगी।

‘केवल तीन प्रतिशत मामले ईडी के राजनीतिक संबंधों से जुड़े हैं

‘प्रधानमंत्री मोदी के यह वक्तव्य उस समय आया, जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं। विपक्षी दल सरकार पर उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप लगा रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने आरोपों को खारिज किया कि ईडी के सिर्फ तीन प्रतिशत मामले ही राजनीति से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में हैं, वहां भी कार्रवाई हो रही है। जो आरोप लग रहे हैं, वो सिर्फ वो लोग लगा रहे हैं, जिन्हें अपने खिलाफ जांच का डर है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘साल 2014 में हमारी सरकार बनते ही, हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। हमने केंद्रीय भर्ती में ग्रुप सी और ग्रुप डी के साक्षात्कार खत्म किए। हमने देश में क्लीयरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया। हमने सरकारी सेवाओं को जहां तक हो सके पारदर्शी बनाने की कोशिश की है।’

पिछले 10 वर्षों में ईडी ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त किया

प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लोगों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजने के फायदे को बताते हुए कहा कि ‘सरकार को डीबीटी के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक फर्जी लाभार्थियों को हटाने में मदद मिली है। सरकार ने इससे 2.75 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं, जो गलत हाथों में जा रहे थे।’ प्रधानमंत्री ने कहा ‘साल 2014 से पहले ईडी ने पांच हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। वहीं बीते 10 वर्षों में ईडी द्वारा जब्त की गई रकम बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। 2014 से पहले ईडी ने 34 लाख रुपये नकद जब्त किए थे, जबकि हमारी सरकार में 2200 करोड़ से अधिक की नकदी जब्त की गई है। कल्पना कीजिए, अगर यह पैसा गरीब लोगों के कल्याण के लिए खर्च किया जाता तो इससे कितने लोगों को फायदा होता। युवाओं के लिए कितने अवसर बन सकते थे। कितने नई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू हो सकते थे।’

प्रधानमंत्री ने भाजपा और कांग्रेस के बीच असली अंतर को बताया

पीएम मोदी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर को व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा देश को मजबूत करती है, परंतु कांग्रेस सिर्फ परिवार पर ही ध्यान केंद्रित करती है। उन्होंने इसके साथ ही लोगों को भाजपा मॉडल और कांग्रेस मॉडल की तुलना करने का अवसर दिया। कांग्रेस ने 5-6 दशकों तक पूर्ण बहुमत के साथ देश पर शासन किया, जबकि भाजपा को पूर्ण बहुमत के साथ एक दशक ही बीता है। पूर्व में कांग्रेस की सरकार ने परिवार को मजबूत किया, जबकि हमारी सरकार का लक्ष्य देश-गांवों, गरीबों, मध्यम वर्ग और किसानों को मजबूत करने पर है। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के लक्ष्य को बताते हुए कहा कि उनका ध्यान गरीबी हटाने, स्वच्छता बढ़ाने और गरीबों को घर देने पर होगा। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में जो हुआ है, वह सिर्फ एक ट्रेलर है और अभी बहुत कुछ करना बाकी है, जिससे देश को आगे ले जाया जा सके।

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