August 9, 2026

मैसूर में ऑफिस की प्रताड़ना से परेशान महिला ने दी जान, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

मैसूर: कर्नाटक के मैसूर से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। हिंकल इलाके में 45 वर्षीय महिला नागेश्वरी की मौत के बाद workplace harassment यानी कार्यस्थल पर कथित मानसिक प्रताड़ना का मामला चर्चा में है। पुलिस को महिला के घर से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी नौकरी से जुड़े कथित दबाव और परेशानियों का जिक्र किया है। पुलिस अब सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों और महिला की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

मैसूर

मैसूर घर पर बेहोशी की हालत में मिलीं नागेश्वरी

जानकारी के मुताबिक नागेश्वरी कई वर्षों से हिंकल इलाके के पास स्थित एक सुपरमार्केट में काम कर रही थीं। शुक्रवार को वह अपने घर पर बेहोशी की हालत में मिलीं। उनके पति अशोक उस समय घर से बाहर थे। उन्होंने नागेश्वरी को फोन करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

इसके बाद अशोक घर पहुंचे तो नागेश्वरी फर्श पर बेहोश मिलीं। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

सुसाइड नोट में सुपरवाइजर पर आरोप

पुलिस को घर से मिले सुसाइड नोट में नागेश्वरी ने अपनी नौकरी के दौरान कथित तौर पर सामना की गई परेशानियों का जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सुपरमार्केट की नई सुपरवाइजर डॉली पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए।

नोट में कथित तौर पर कहा गया है कि उन्हें नियमित साप्ताहिक छुट्टी नहीं दी जा रही थी। इसके अलावा छुट्टी और काम से जुड़े दूसरे मामलों को लेकर भी परेशानी होने का आरोप लगाया गया है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर ऐसी गलतियां स्वीकार करने का दबाव बनाया गया, जो उनके मुताबिक उन्होंने की ही नहीं थीं। इन परिस्थितियों के कारण वह कथित तौर पर काफी मानसिक दबाव में थीं।

मैसूर बीमारी के बाद नौकरी से निकालने का आरोप

सुसाइड नोट में नागेश्वरी ने अपनी तबीयत खराब होने के कारण कुछ दिनों तक काम पर नहीं आने का भी उल्लेख किया था। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आरोप लगाया कि बीमारी की वजह से दो-तीन दिन काम से दूर रहने के बाद उन्हें अचानक नौकरी से निकाल दिया गया।

नौकरी जाने और कथित तौर पर लगातार दबाव बनाए जाने से वह काफी परेशान थीं। पुलिस ने फिलहाल सुसाइड नोट को जांच का अहम हिस्सा माना है। हालांकि, नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

नागेश्वरी की मौत के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद कर लिया है और अब उसमें लिखे आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला के साथ कार्यस्थल पर वास्तव में किस तरह का व्यवहार हुआ था और क्या नौकरी से जुड़े विवाद का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था।

जांच के दौरान सुपरमार्केट के कर्मचारियों और प्रबंधन से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य सबूतों और परिस्थितियों की भी जांच करेगी।

कार्यस्थल पर मानसिक दबाव का गंभीर मुद्दा

यह घटना एक बार फिर workplace stress और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को सामने लाती है। नौकरी के दौरान लगातार काम का दबाव, छुट्टी नहीं मिलना, वरिष्ठों का व्यवहार और नौकरी जाने का डर किसी कर्मचारी के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।

किसी भी संस्थान में कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक माहौल, उचित कार्य समय और शिकायतों को सुनने की व्यवस्था बेहद जरूरी है। अगर किसी कर्मचारी को कार्यस्थल पर परेशानी हो रही है, तो उसे शिकायत दर्ज कराने और सहायता लेने के रास्ते उपलब्ध होने चाहिए।

मैसूर की इस घटना में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और महिला की मौत के पीछे परिस्थितियों की पूरी तस्वीर क्या थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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