March 22, 2026
यूपी पुलिस

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा : अब बच नहीं पाएगा पेपर लीक का सरगना, STF ने बनाई ‘गुनहगारों’ की लिस्ट

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा:यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर के लीक मामले में एसटीएफ कड़ा कार्रवाई करने की तैयारी में है। एसटीएफ ने इस मामले से जुड़े नेटवर्क की खंगालना शुरू कर दी है और इसके लिए बाकायदा एक लिस्ट तैयार की गई है, जिसके माध्यम से इस मामले के अभियुक्तों का पता लगाया जा सकेगा।इस कड़े कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह है कि लीक हुए पेपर के माध्यम से परीक्षा के निष्कर्ष को प्रभावित न किया जाए और परीक्षा के संविदान को पूरी तरह से सम्मानित किया जाए।यह कार्रवाई प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जाएगा ताकि प्रदेश के नागरिकों का भरोसा बना रहे और पुलिस विभाग की भर्ती प्रक्रिया में सुधार किया जा सके।एसटीएफ ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को नियुक्त किया है ताकि सम्पूर्ण तथ्यों का जांच किया जा सके और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जा सके।इस प्रक्रिया के जरिए, अधिकारियों को लीक होने वाले पेपर के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करने और उन लोगों को दंडित करने के लिए अनुशासन कार्रवाई करने का मार्ग प्रदान किया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पेपर लीक होने के बाद पुलिस सिपाही भर्ती रद्द कर दी है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब यूपी STF ने 17 और 18 फरवरी को परीक्षा के दौरान नकल करने वाले अभ्यर्थियों के मददगारों की लिस्ट तैयार की है। यह नया कदम लिया गया है ताकि परीक्षा के दौरान धाराप्रवाह को बचावा जा सके और अवैध प्रयासों को रोका जा सके। इससे योगी सरकार का संकल्प दिखाते हुए प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब नकल करने वालों को न्याय मिलेगा और नियमों का पालन किया जाएगा।

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इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के पास पेपर किस नेटवर्क से पहुंचा, उसका ब्रीफ तैयार करके सभी नेटवर्क को फिर से खंगाला जा रहा है. गाजियाबाद से गिरफ्तार महिला अभ्यर्थी को नकल कराने वाले गुरबचन के गैंग लीडर मोनू मालिक और कपिल की तलाश भी तेज कर दी गई है. मोनू मालिक और कपिल को पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में पेपर लीक करने वाले गैंग का सरगना कहा जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो महिला अभ्यर्थी रिया चौधरी को पुलिस ने पकड़ा है, उसे ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने की कोशिश की जा रही थी. गुरबचन के जरिए ही अभ्यर्थी का कपिल मालिक और मोनू मालिक से संपर्क हुआ था. गुरबचन को महिला अभ्यर्थी और उसके भाई के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है.

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लखनऊ से पकड़े गए अभ्यर्थी को वॉट्सएप पर मिला था पेपर

लखनऊ के कृष्णा नगर से 18 फरवरी को नकल करते पकड़े गए अभ्यर्थी सत्य अमन को वॉट्सएप पर पेपर भेजने वाले नीरज के भी नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. लखनऊ पुलिस ने अभ्यर्थी सत्य अमन और उसके साथी नीरज को 19 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया था.

नीरज से पुलिस टीम ने पूछताछ की थी, तो उसने मथुरा के ‘उपाध्याय’ के जरिए पेपर मिलने की बात कही थी, लेकिन उसे मथुरा के उपाध्याय कौन है, वहाँ कहां रहता है, यह बात नीरज को नहीं पता थी।पेपर लीक मामले की जांच यूपी एसटीएफ में एडिशनल एसपी विशाल विक्रम सिंह की टीम द्वारा की जा रही है।जांच के दौरान विशाल विक्रम सिंह और उनकी टीम ने विभिन्न संदर्भों में श्रोताओं से सूचना जुटाई है ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।इसके अलावा, टीम ने पूर्वीकरण का भी संदर्भ लिया है ताकि आगामी जांच कार्य में कोई कमी न रहे। यह जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि पेपर लीक के पिछले कुछ घंटों में किसी अनजान व्यक्ति से नीरज की मुलाकात हुई थी, जिससे इस मामले में नई दिशा मिली है।

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