February 4, 2026
वरुण गाँधी

वरुण गाँधी को बीजेपी से टिकट न मिलने पर मेनका गाँधी का रिएक्शन

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची में पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी को टिकट नहीं दिया गया है। हालांकि, वरुण की मां और सांसद मेनका गांधी को बीजेपी ने सुल्तानपुर से एक बार फिर टिकट दिया है। रिपोर्ट में मेनका गांधी के एक इंटरव्यू के हवाले से कहा गया है कि वरुण को टिकट न मिलने से न वो हैरत में हैं और न ही परेशान हैं।

वरुण गाँधी

मेनका गांधी ने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं वाली पार्टी है। जो फ़ैसला किया जाता है, सब उसे स्वीकार करते हैं।”

पीलीभीत से बीजेपी ने जितिन प्रसाद को टिकट दिया है, जो कि योगी कैबिनेट में मंत्री भी हैं।वरुण गांधी ने पिछले कुछ सालों में महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर अपनी ही सरकार की आलोचना की है।

वरुण गाँधी

वरुण गांधी अब क्या करेंगे?

मेनका गांधी ने कहा, ”मुझे नहीं पता कि वरुण गांधी की क्या योजनाएं हैं, कि वह किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे या नहीं।” मेनका ने कहा, ”मेरे लिए यह महत्वपूर्ण नहीं है कि क्या मुझे मंत्री बनाया जाएगा या नहीं। मेरे क्षेत्र के मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं हुई है, कोई फर्क नहीं पड़ता, काम की गति बढ़ी है।”वरुण गांधी को केंद्र में मोदी सरकार के 10 साल के दौरान कोई ज़िम्मेदारी नहीं मिली, न ही संगठन में।

वरुण गाँधी

पहले यह भी खबराया जा रहा था कि वरुण गांधी पीलीभीत से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, लेकिन जब चुनावी लिस्ट आई, तो इन अटकलों पर विराम लग गया। बीजेपी की चुनावी लिस्ट जब आई, तब वरुण गांधी ने कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर यह पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, ”मेरा कार्यकाल सांसद के तौर पर समाप्त हो रहा है, लेकिन मेरा संबंध पीलीभीत से कभी नहीं टूटेगा। मैं सदैव आपकी सेवा के लिए तैयार रहूंगा।”

2004 में वरुण ने 24 वर्ष की उम्र में अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी|