किसानों का प्रदर्शन: शुभकरण सिंह के मामले में..
शुभकरण सिंह के परिवार को 1 करोड़ रुपए की मुआवज़ा राशि देने की घोषणा से पहले, पंजाब सरकार ने यह निर्णय लिया था।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: टैरिफ कटौती से मजबूत होंगे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध
आज का गोल्ड-सिल्वर मार्केट अपडेट: गिरावट के बाद लौटी चमक, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
‘The Kerala Story 2’: टीज़र ने बढ़ाया उत्साह, 27 फरवरी 2026 को होगी रिलीज़
NDA संसदीय दल की बैठक: संसद सत्र से पहले राजनीतिक संदेश
उत्तर भारत में मौसम का बदलता मिज़ाज : कोहरा, बारिश और बर्फबारी का असर
शुभकरण सिंह के परिवार को 1 करोड़ रुपए की मुआवज़ा राशि देने की घोषणा से पहले, पंजाब सरकार ने यह निर्णय लिया था।

किसानों के दिल्ली चलो मार्च के दौरान खनौरी बॉर्डर पर एक किसान की मौत हो गई थी। उनके द्वारा दावा किया गया था कि शुभकरण सिंह की मौत हरियाणा पुलिस के साथ हुए झड़प के कारण हुई थी। इस मामले में पंजाब पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पंजाब सरकार ने इस दुखद घटना के पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही, शुभकरण की छोटी बहन को भी पंजाब सरकार द्वारा नौकरी देने की बात कही गई थी। भगवंत मान सरकार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने का वादा किया था।
इस संदेश के साथ, यह महत्वपूर्ण है कि स्थानीय अधिकारियों ने घातक हादसे की जांच को गंभीरता से लिया जाए और उपयुक्त कदम उठाए जाएं ताकि इस दुखद घटना के पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इससे आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुनिश्चित किया जा सके।
सूचना के अनुसार, पंजाब पुलिस ने 28 फरवरी की रात को इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पंजाब पुलिस ने पटियाला के पाट्रान पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 114 (अपराध होने पर उकसाने वाले की उपस्थिति) के तहत मामला दर्ज किया है।
मृतक शुभकरण के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में धटनास्थल खनौरी के पास हरियाणा के जिंद जिले के गढ़ी में बताया गया है।

शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने 21 फरवरी को इस मामले में FIR दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देने का ऐलान किया था। शव पटियाला के राजिंदरा अस्पताल के शवगृह में रखा गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हत्या के मामले की जांच के बाद मृतक शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम किया गया है। किसान शुभकरण को शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
किसानों ने इस मामले में हरियाणा पुलिस के साथ झड़प का दावा किया है, जबकि पुलिस भी इस झड़प में 12 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।
आंदोलनकारी किसान अब भी दिल्ली बॉर्डर के आसपास के इलाकों में तैनात हैं, जारी अपीलों के बावजूद। उन्हें न्याय और शहीदों के परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करने की मांग जारी है|
Read More
More Stories
उत्तर भारत में मौसम का बदलता मिज़ाज : कोहरा, बारिश और बर्फबारी का असर
ड्रोन के ज़रिये नशे की तस्करी: पंजाब में बढ़ती चुनौती और पुलिस की बड़ी कार्रवाई
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा: जनजीवन अस्त-व्यस्त