2024 के लोकसभा चुनाव: चुनाव को जून तक करवाने की क्या वजह थी?
लोकसभा चुनाव सात चरणों में होंगे, जिनकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी और 1 जून तक मतदान होगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जून तक चुनाव करवाने की दो प्रमुख वजहें हैं। पहली वजह यह है कि 2019 की तुलना में इस साल चुनाव का ऐलान छह दिन की देरी के साथ हुआ है। 2019 चुनाव में तारीखों का ऐलान 10 मार्च को हुआ था। दूसरी वजह यह है कि मार्च और अप्रैल में होली, तमिल न्यू ईयर, बीहू और बैसाखी जैसे त्योहार हैं, जिनके लिए छुट्टियां रहती हैं।
चुनाव आयोग को इस बात का भी ध्यान देना चाहिए था कि नाम वापसी की अंतिम तारीख या मतदान के दिन जैसी महत्वपूर्ण तिथियां त्योहारों के दिन में न पड़ जाएं। तारीखों में देरी के ऐलान के पीछे कुछ कारण भी थे, जिसमें चुनाव आयोग के अचानक इस्तीफे का भी शामिल है। उनके इस्तीफे के बाद, तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ही बचे थे। एक अन्य चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय फरवरी में ही रिटायर हो गए थे।
सरकार ने 14 मार्च को दो नए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को नियुक्त किया। उन्होंने 15 मार्च को कार्यभार संभाला और एक दिन बाद चुनावों की घोषणा की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान की वजह आयोग ने सोचा कि जब तक पूरा टीम नहीं होगी, तब तक घोषणा में देरी की जा सकती है। भले ही कानूनी रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ही चुनाव करवाते हैं, लेकिन फिर भी ये अजीब लगता। इसलिए इंतजार किया गया।