बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी से जुड़ा कथित 60 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एक नया अहम कदम उठाया है, जिससे पूरे प्रकरण में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, अभिनेत्री की ओर से पहले भी इन आरोपों को लेकर सफाई दी जाती रही है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
मामला एक ऐसी वित्तीय योजना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें निवेशकों से बड़ी रकम जुटाने और कथित तौर पर वादों के अनुरूप रिटर्न न देने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि इस स्कीम के जरिए करीब 60 करोड़ रुपये की धनराशि का लेन-देन हुआ। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्हें आकर्षक मुनाफे का लालच दिया गया था, लेकिन बाद में भुगतान में देरी या इनकार किया गया।

EOW ने क्या नया कदम उठाया?
ताजा जानकारी के अनुसार, EOW ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन के रिकॉर्ड की दोबारा गहन जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, एजेंसी ने कुछ संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की प्रक्रिया तेज कर दी है और वित्तीय ट्रांजैक्शन की ट्रेल को खंगाला जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी अब उन कड़ियों पर ध्यान दे रही है, जो पहले छूट गई थीं।
शिल्पा शेट्टी की भूमिका पर जांच
इस मामले में शिल्पा शेट्टी की भूमिका को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। EOW यह जानने की कोशिश कर रही है कि अभिनेत्री की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी किस हद तक रही। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि क्या किसी प्रमोशनल गतिविधि या ब्रांड एंबेसडर की भूमिका के कारण निवेशकों का भरोसा बना और पैसा लगाया गया।
शिल्पा शेट्टी : अभिनेत्री की ओर से क्या कहा गया?
शिल्पा शेट्टी और उनके कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से पहले भी यह कहा जा चुका है कि अभिनेत्री का इस कथित धोखाधड़ी से सीधा संबंध नहीं है। उनका पक्ष यह रहा है कि वह किसी भी अवैध वित्तीय गतिविधि में शामिल नहीं रहीं और जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि किसी भी तरह का निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
निवेशकों की शिकायतें
मामले में शिकायत करने वाले निवेशकों का कहना है कि उन्हें बड़े नाम और भरोसेमंद चेहरे के जुड़ाव के कारण योजना पर विश्वास हुआ। कई निवेशकों ने दावा किया है कि उनकी मेहनत की कमाई इस स्कीम में फंस गई और अब उन्हें अपना पैसा वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
कानूनी प्रक्रिया की दिशा
कानून विशेषज्ञों के अनुसार, EOW का नया कदम यह संकेत देता है कि एजेंसी मामले को जल्दबाजी में बंद नहीं करना चाहती। फाइनेंशियल फ्रॉड से जुड़े मामलों में अक्सर जांच लंबी चलती है, क्योंकि इसमें कई खातों, कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है। यदि ठोस सबूत मिलते हैं, तो आगे कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है।
बॉलीवुड और छवि पर असर
शिल्पा शेट्टी एक स्थापित बॉलीवुड अभिनेत्री होने के साथ-साथ फिटनेस आइकन और बिजनेस वेंचर्स से भी जुड़ी रही हैं। ऐसे मामलों में किसी सेलेब्रिटी का नाम सामने आने से उनकी सार्वजनिक छवि पर असर पड़ता है, भले ही अंतिम फैसला अदालत का ही क्यों न हो। यही वजह है कि यह मामला मनोरंजन जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
आगे क्या?
फिलहाल, सभी की नजरें EOW की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और संभावित बयान दर्ज किए जा सकते हैं। यह भी संभव है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े कुछ और नामों को सामने लाए।
कुल मिलाकर, 60 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में EOW का नया कदम यह दिखाता है कि जांच गंभीरता से आगे बढ़ रही है। शिल्पा शेट्टी का नाम इस प्रकरण से जुड़ा होने के कारण मामला हाई-प्रोफाइल बन गया है, लेकिन सच्चाई का फैसला जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। तब तक, यह केस कानून, निवेशकों और बॉलीवुड तीनों के लिए एक अहम उदाहरण बना रहेगा।


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