देशभर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 12 घंटों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत 17 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
कई राज्यों में मौसम का बड़ा बदलाव
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से गर्मी का प्रकोप जारी था। अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की सक्रियता के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
17 राज्यों : किसानों के लिए राहत की खबर
बारिश की संभावना किसानों के लिए राहत लेकर आई है। कई राज्यों में धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी चल रही है। समय पर मानसून पहुंचने से कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और सिंचाई की जरूरत भी कम होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती मानसूनी बारिश मिट्टी में नमी बढ़ाने में मदद करेगी, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद रहेगी। हालांकि तेज आंधी और ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

17 राज्यों : दिल्ली और पंजाब में भी अलर्ट
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 3 और 4 जून को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाओं का खतरा बना रहेगा।
पंजाब में कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
मानसून को लेकर बढ़ी उम्मीदें
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच सकता है। मानसून भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है।
हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने एल नीनो की संभावना भी जताई है, जिससे मानसून की गति और वर्षा के पैटर्न पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
17 राज्यों : लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यात्रा के दौरान मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।
बारिश और आंधी के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
देश में मानसून की दस्तक के साथ मौसम तेजी से बदल रहा है। 17 राज्यों में जारी बारिश और आंधी के अलर्ट ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि यह बारिश गर्मी से राहत देने के साथ किसानों के लिए भी अच्छी खबर साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति पर पूरे देश की नजर रहेगी।

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