देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया है, वहीं दूसरी तरफ बॉम्बे हाईकोर्ट की क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ियों के आरोपों के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली है। दोनों मामलों में परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

UGC-NET में तीन विषयों की परीक्षा फिर होगी
UGC-NET जून 2026 को लेकर NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र (Sociology) विषयों के पेपर दोबारा कराने की घोषणा की है। एजेंसी के मुताबिक इन प्रश्नपत्रों में कई तरह की खामियां और प्रश्नों के दोहराव जैसी समस्याएं सामने आई थीं। जांच के बाद यह माना गया कि केवल कुछ प्रश्न हटाकर या उत्तर कुंजी में बदलाव करके समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। इसलिए संबंधित तीन विषयों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
NTA की आधिकारिक UGC-NET वेबसाइट पर भी अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर के पुनः आयोजन से जुड़ी सूचना जारी की गई है।
UGC-NET देश की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल है। इसके जरिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और संबंधित शैक्षणिक अवसरों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। ऐसे में परीक्षा के दोबारा होने का फैसला हजारों उम्मीदवारों की तैयारी और आगे की योजना को प्रभावित कर सकता है।
पहले भी हुई थी परीक्षा में गड़बड़ी
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 22 जून से 30 जून के बीच आयोजित की गई थी। कुछ केंद्रों पर हुई समस्याओं के कारण प्रभावित उम्मीदवारों के लिए अलग से री-एग्जाम भी कराया गया था। जुलाई में NTA ने स्पष्ट किया था कि पूरी UGC-NET परीक्षा रद्द नहीं की गई थी, बल्कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी।
अब तीन विषयों में प्रश्नपत्र से जुड़ी खामियों के चलते फिर से परीक्षा कराने का फैसला सामने आया है। इससे अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में भी हंगामा
दूसरी ओर बॉम्बे हाईकोर्ट की क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट को लेकर भी विवाद सामने आया। 16 अगस्त को आयोजित इस परीक्षा में कई उम्मीदवारों ने तकनीकी समस्याओं की शिकायत की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कंप्यूटर, कीबोर्ड, माउस और सर्वर से जुड़ी दिक्कतों के कारण उनका टेस्ट प्रभावित हुआ। कुछ उम्मीदवारों के सिस्टम में समस्या आने और टेस्ट बाधित होने की बात भी सामने आई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी लंबे समय तक की थी, लेकिन तकनीकी खामी के कारण प्रदर्शन प्रभावित होने से उनके चयन की संभावना पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से उम्मीदवारों ने दोबारा परीक्षा कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
दिपके भी पहुंचे उम्मीदवारों के समर्थन में
बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट विवाद में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके की एंट्री भी हुई। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का समर्थन किया और कथित तकनीकी गड़बड़ियों के चलते प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए री-टेस्ट की मांग उठाई। दिपके ने इसे उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया।
UGC-NET परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
UGC-NET और बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट के मामले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में एक सवाल समान है—अगर परीक्षा के दौरान तकनीकी या प्रश्नपत्र से जुड़ी गड़बड़ी होती है तो उसका खामियाजा उम्मीदवारों को क्यों भुगतना पड़े?
प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्मीदवार महीनों और कई बार वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन किसी तकनीकी समस्या या प्रश्नपत्र की गलती के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित होना गंभीर विषय है।
अब उम्मीदवारों की नजर संबंधित एजेंसियों के अगले कदम पर है। UGC-NET के तीन विषयों की पुनर्परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों को आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार रहेगा, जबकि बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती के अभ्यर्थी टाइपिंग टेस्ट में कथित तकनीकी गड़बड़ियों पर उचित कार्रवाई और री-टेस्ट की उम्मीद कर रहे हैं।
More Stories
बारामती में पति को मरा समझ घर में बनाई कब्र, चादर के नीचे दिखा पैर और बच गई इंजीनियर की जान
कानपुर में 7 माह की गर्भवती युवती की मौत, 2 प्रेमियों पर केस, DNA टेस्ट से खुलेगा राज
राम मंदिर में नया ड्रेस कोड लागू, पीले बिना सिले वस्त्रों में दिखे अर्चक