उत्तर भारत
उत्तर भारत में इन दिनों मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सर्दी के मौसम के अंतिम चरण में पहुँचने के बावजूद कई राज्यों में ठंड का प्रभाव अब भी बना हुआ है। खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाती है। घने कोहरे के कारण सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ रहा है। कई इलाकों में विज़िबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है। कोहरे के चलते ट्रेनें और फ्लाइट्स भी देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यातायात पर प्रभाव
घना कोहरा सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा देता है। हाईवे पर वाहन चालकों को हेडलाइट, फॉग लाइट और धीमी गति का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को भी देरी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर भारत : पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) को माना जा रहा है। यह मौसम प्रणाली भूमध्य सागर से चलकर उत्तर भारत तक पहुँचती है और सर्दियों में बारिश व बर्फबारी का कारण बनती है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में बर्फबारी से तापमान में और गिरावट दर्ज की गई है। कई पर्यटन स्थलों पर ताज़ी बर्फबारी हुई है, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, भारी बर्फबारी के कारण कुछ इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
बारिश और बर्फबारी के चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। रातें ज्यादा ठंडी हो गई हैं, जबकि दिन में हल्की धूप निकलने पर मौसम थोड़ा सामान्य महसूस होता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
किसानों पर असर
इस मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। हल्की बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, खासकर गेहूं और सरसों की खेती के लिए। हालांकि, ज्यादा बारिश या ओलावृष्टि होने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है। किसान मौसम को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और कटाई से जुड़े फैसले ले रहे हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
ठंड, कोहरा और नमी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनना, गरम पेय पदार्थों का सेवन करना और ठंडी हवा से बचना जरूरी बताया गया है।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने और तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में मौसम फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी जहां एक ओर ठंड बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यातायात और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। सतर्कता और सही तैयारी के साथ इस मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

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