स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद के चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते ओम बिरला के सामने…
मंगलवार को लोकसभा स्पीकर के चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी सस्पेंस और ड्रामा देखने को मिला। अंततः मामला चुनाव तक पहुंच गया है। एनडीए ने ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। वहीं, लोकसभा उपाध्यक्ष पद की मांग पूरी न होने पर विपक्ष ने कांग्रेस सांसद के सुरेश को उम्मीदवार के रूप में उतारा है। लोकसभा अध्यक्ष चुनाव से जुड़ी हर ताजा जानकारी और अपडेट्स आप यहां पढ़ सकते हैं। इस चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि अंततः किसकी जीत होती है।
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Toggleखरगे हमारे वरिष्ठ नेता, कल से अब तक 3 बार बातचीत कर चुका हूं- राजनाथ सिंह
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे से बात करने के बावजूद राजनाथ सिंह ने उन्हें फोन नहीं किया, जिससे हमारे नेता का अपमान हुआ। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “खरगे हमारे वरिष्ठ नेता हैं। मैंने कल से अब तक उनसे तीन बार फोन पर बातचीत की है।” राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि वे वरिष्ठ नेताओं का पूरा सम्मान करते हैं और उनके साथ संवाद बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए और वे सदैव वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में रहते हैं।
मुंबई में शरद पवार का बड़ा बयान
शरद पवार ने भी लोकसभा स्पीकर के चुनाव पर बयान दिया है। उन्होंने इंडिया अलायंस को सुझाव देते हुए कहा है, “लोकसभा स्पीकर का चुनाव निर्विरोध हो, ऐसा मेरा सुझाव है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए। पवार का मानना है कि इस कदम से सदन में बेहतर समन्वय और सहयोग की भावना बनी रहेगी, जो लोकतंत्र के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सत्ता और विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए ताकि देश के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सके।
विपक्ष शर्तों के साथ दबाव बना रहा था- ललन सिंह
ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष उपाध्यक्ष पद को लेकर आश्वासन चाहता था, लेकिन सत्ता पक्ष ने कहा कि वह इस मुद्दे पर बाद में विचार करेंगे और पहले अध्यक्ष पद पर समर्थन देने की बात की। इसके लिए विपक्ष तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “विपक्ष अपनी शर्तों के आधार पर दबाव बनाना चाहता था।” ललन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी दलों का मानना है कि सत्ता पक्ष को अपने वादों पर पहले अमल करना चाहिए। इस असहमति के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और यह मामला सुलझ नहीं पाया। विपक्ष के मुताबिक, सत्ता पक्ष की यह मांग अस्वीकार्य है और उन्होंने इस पर कड़ा रुख अपनाया है।
मनोज झा बोले- हमने सरकार के सामने अपनी मांग रख दी है
आरजेडी नेता और सांसद मनोज झा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि लोकसभा के डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमने सरकार के सामने अपनी मांग स्पष्ट रूप से रख दी है।” मनोज झा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा और संतुलन बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि विपक्ष को भी महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने यह भी कहा कि यह मांग न सिर्फ विपक्ष की है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। विपक्ष अपनी इस मांग पर अडिग है और उम्मीद करता है कि सरकार इसे गंभीरता से लेगी।
विपक्ष से नहीं बन पाई सहमति, अध्यक्ष पद के लिए उतारेंगे उम्मीदवार
सुना जा रहा है कि लोकसभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पदों के चुनाव को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच में सहमति नहीं हुई। इसलिए, अब तक यह लगभग स्पष्ट है कि विपक्ष भी अपने उम्मीदवार को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उतारने की योजना बना रहा है। सुनने में आया है कि विपक्षी दलों के मंत्री और कांग्रेस सांसद सुरेश का नाम इस कार्यक्रम के लिए सबसे अग्रसर हो रहा है।

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