हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में शपथ ग्रहण के दौरान ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया। इस बयान के बाद बीजेपी सांसदों ने सदन में जोरदार विरोध और हंगामा किया। ओवैसी के इस नारे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और आम जनता के बीच भी बहस छिड़ गई है। बीजेपी सांसदों ने इस मुद्दे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया, जबकि ओवैसी ने अपने बयान का बचाव किया। इस घटना ने संसद में विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी और सोशल मीडिया पर भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।

नई दिल्ली: लोकसभा में नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह जारी है। इस बीच हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के शपथ ग्रहण को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, ओवैसी ने सांसद पद की शपथ लेते समय ‘जय भीम’, ‘जय तेलंगाना’ और अंत में ‘जय फिलिस्तीन’ के नारे लगाए। ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ कहने के बाद सदन में बीजेपी सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
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Toggleजय फिलिस्तीन का लगाया नारा
लोकसभा के सदस्य रूप के लिए शपथ लेने के लिए प्रोटम स्पीकर ने अससुद्दीन ओवैसी को बुलाया। ओवैसी ने शपथ से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ा। इसके बाद उन्हें उर्दू में शपथ ली। शपथ लेने के बाद जाते- जाते उन्होंने ‘जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना और जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया। इसके अलावा उन्होंने ‘अल्लाह हू अकबर’ का नारा भी लगाया।

बीजेपी ने किया विरोध
ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ नारे का बीजेपी ने कड़ा विरोध किया है। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, “आज AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा लगाया है, जो बिल्कुल गलत है। यह सदन के नियमों के खिलाफ है। ये लोग भारत में रहते हुए भारत माता की जय नहीं बोलते… लोगों को समझना चाहिए कि ये देश में रहकर असंवैधानिक कार्य करते हैं।”
रेड्डी ने आगे कहा कि संसद एक पवित्र स्थान है, जहां केवल भारत की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने ओवैसी के बयान को भड़काऊ और विभाजनकारी करार देते हुए कहा कि इससे देश की एकता और सामाजिक सद्भावना को नुकसान पहुंच सकता है। बीजेपी नेताओं ने मांग की कि ओवैसी के इस बयान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
हैदराबाद से पांचवी बार बने हैं सांसद
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से पांचवीं बार सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे हैं। उन्होंने बीजेपी की माधवी लता को 3,38,087 वोटों के बड़े अंतर से हराया। इससे पहले, 2019 के चुनाव में ओवैसी ने 58.95% वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी। ओवैसी हैदराबाद से लगातार 5वीं बार सांसद बने हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने पहली बार 2004 में हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में कदम रखा था। तब से उन्होंने अपनी लोकप्रियता और प्रभाव को लगातार बनाए रखा है, जिससे उन्हें हर चुनाव में बड़ी जीत हासिल होती रही है। ओवैसी का यह विजय अभियान उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ और हैदराबाद के मतदाताओं में उनकी गहरी पैठ का प्रमाण है। उनकी जीत से AIMIM पार्टी को भी राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान मिला है।

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