सोना और चांदी
आज अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजारों में सोना और चांदी दोनों ने नया इतिहास रच दिया है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) माने जाने वाले इन कीमती धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर जैसे कारणों ने निवेशकों को फिर से सोने-चांदी की ओर आकर्षित किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का रिकॉर्ड
आज वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 5,500 डॉलर प्रति औंस के पार पहुँच गई, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर माना जा रहा है। अमेरिका के फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव न करने और आने वाले समय में दरों में कटौती की संभावनाओं ने सोने को मजबूत समर्थन दिया है। जब ब्याज दरें स्थिर या कम रहती हैं, तो निवेशक बॉन्ड और डॉलर से हटकर सोने में निवेश बढ़ाते हैं।
🇮🇳 भारतीय बाजार में सोने की स्थिति
भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।
आज 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,67,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। यह आम निवेशकों और ज्वेलरी बाजार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। शादी-विवाह के सीजन में इतनी ऊँची कीमतें मांग को कुछ हद तक प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन निवेश की दृष्टि से सोना अब भी मजबूत बना हुआ है।

चांदी ने भी दिखाई जबरदस्त तेजी
केवल सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
आज MCX में चांदी का भाव ₹3.80 लाख से ₹4.00 लाख प्रति किलोग्राम के करीब पहुँच गया। चांदी की मांग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में बढ़ते उपयोग के कारण इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है।

सोना और चांदी : तेजी के पीछे मुख्य कारण
सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
भू-राजनीतिक तनाव:
अमेरिका-ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व की अस्थिर स्थिति ने वैश्विक बाजार में डर का माहौल बनाया है।
डॉलर में कमजोरी:
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सस्ते हुए, जिससे मांग बढ़ी।
महंगाई का डर:
कई देशों में महंगाई दर अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है, ऐसे में निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए सोने-चांदी को चुन रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी:
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिज़र्व बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग और कीमत दोनों को सहारा मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोने और चांदी की कीमतें आने वाले समय में और ऊपर जा सकती हैं। हालांकि, इतनी ऊँचाई पर कुछ मुनाफावसूली (Profit Booking) भी देखने को मिल सकती है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है, जबकि चांदी में थोड़ी ज्यादा अस्थिरता रह सकती है।
आम लोगों पर असर
आम लोगों के लिए बढ़ती कीमतों का मतलब है महंगे गहने और चांदी के सिक्के। ज्वेलर्स का कहना है कि ऊँचे दामों के कारण ग्राहक हल्के वजन के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं निवेशक गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिज़र्व की अगली बैठक और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं सोना-चांदी की दिशा तय करेंगी। फिलहाल बाजार का रुझान तेजी की ओर बना हुआ है।
आज का दिन सोना और चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक रहा। रिकॉर्ड तोड़ कीमतों ने यह साबित कर दिया है कि संकट के समय में ये धातुएँ अब भी निवेशकों का सबसे भरोसेमंद सहारा हैं।

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