May 13, 2026
अपरा एकादशी

अपरा एकादशी 2026: महाकाल मंदिर में विशेष भस्म आरती, उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आज अपरा एकादशी के पावन अवसर पर विशेष भस्म आरती का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देशभर से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपरा एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु तथा शिव की पूजा करने से जीवन के सभी दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

अपरा एकादशी : सुबह 4 बजे शुरू हुई विशेष भस्म आरती

महाकाल मंदिर में हर दिन होने वाली भस्म आरती का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन अपरा एकादशी के दिन इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। आज तड़के सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विशेष विधि-विधान के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। इसके बाद चंदन, भस्म और फूलों से भगवान का श्रृंगार किया गया।

भस्म आरती के दौरान पूरा मंदिर “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में हिस्सा लिया और कई भक्त भावुक भी नजर आए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए गए।

मंदिर प्रशासन के अनुसार आज सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक श्रद्धालु पहुंचे। ऑनलाइन बुकिंग और VIP दर्शन व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अपरा एकादशी

अपरा एकादशी : क्या है अपरा एकादशी का महत्व?

हिंदू धर्म में अपरा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है, लेकिन इस दिन शिव पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अपरा एकादशी का व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य और पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। कई भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं।

उज्जैन में बढ़ी धार्मिक रौनक

अपरा एकादशी के कारण उज्जैन शहर में धार्मिक माहौल देखने को मिला। महाकाल मंदिर के आसपास फूल, प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ रही। होटल और धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ऐसे धार्मिक अवसरों पर शहर में पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलता है। मंदिर क्षेत्र में भक्तों के लिए भंडारे और जल सेवा की भी व्यवस्था की गई थी।

अपरा एकादशी : सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

महाकाल मंदिर की भव्य भस्म आरती और सजावट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। भक्तों ने मंदिर परिसर से लाइव वीडियो और फोटो शेयर किए। कई लोगों ने इसे अद्भुत और दिव्य अनुभव बताया।

धार्मिक आयोजनों के दौरान महाकाल मंदिर की भव्यता हमेशा लोगों को आकर्षित करती है। यही कारण है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल उज्जैन पहुंचते हैं।

प्रशासन ने दी श्रद्धालुओं को सलाह

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और भीड़ में धैर्य बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।

साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, मेडिकल सहायता और पेयजल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

अपरा एकादशी के अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विशेष भस्म आरती और भगवान महाकाल के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक उत्साह, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर की भव्यता ने इस आयोजन को और खास बना दिया। भक्तों के अनुसार महाकाल के दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई।