कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की संभावना बेहद मजबूत मानी जा रही है। इस घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान कर्नाटक की ओर खींच लिया है।
कर्नाटक : लंबे समय से चल रही थी चर्चा
पिछले कई महीनों से कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी के कई नेताओं और समर्थकों का मानना था कि सत्ता साझा करने के समझौते के तहत मुख्यमंत्री पद में बदलाव हो सकता है। इसी बीच दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ कई दौर की बैठकों ने इन अटकलों को और तेज कर दिया।
भावुक हुए सिद्धारमैया
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनका लगभग 50 वर्षों का राजनीतिक जीवन जनता के सामने एक खुली किताब की तरह रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनता द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि वह भविष्य में भी सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे।
कर्नाटक : डीके शिवकुमार बने सबसे बड़े दावेदार
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें मजबूत संगठनकर्ता और लोकप्रिय नेता माना जाता है। उनके समर्थकों ने बेंगलुरु में जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है। हालांकि कांग्रेस हाईकमान की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठकें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठकों में कर्नाटक के नेतृत्व परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व राज्य में किसी भी प्रकार की अंदरूनी कलह से बचना चाहता है और नेतृत्व परिवर्तन को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
कर्नाटक : समर्थकों में उत्साह
डीके शिवकुमार के संभावित मुख्यमंत्री बनने की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। बेंगलुरु और अन्य जिलों में कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं और जश्न मनाया गया। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेश साझा किए जा रहे हैं।
कांग्रेस के लिए अहम मोड़
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पार्टी 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना चाहती है। डीके शिवकुमार को संगठन और चुनावी रणनीति दोनों में मजबूत माना जाता है, इसलिए पार्टी उन्हें भविष्य की बड़ी जिम्मेदारी देने के मूड में दिखाई दे रही है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान की अंतिम घोषणा पर टिकी हुई है। यदि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो यह कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी। वहीं सिद्धारमैया की सक्रिय राजनीति में मौजूदगी भी आने वाले वर्षों में राज्य की राजनीति को प्रभावित करती रहेगी।

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