May 26, 2026
भारत-इज़राइल

भारत-इस्राइल संबंध 2026: IMEC परियोजना और मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी

भारत-इस्राइल के रिश्ते फिर चर्चा में

भारत-इस्राइल के बीच बढ़ते संबंध एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस्राइल की विशेष दूत फ्लेउर हसन-नाहूम ने हाल ही में बयान दिया कि भारत और इस्राइल आने वाले समय में दुनिया की सबसे मजबूत साझेदारियों में से एक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रक्षा सहयोग ही नहीं बल्कि तकनीक, व्यापार, कृषि, साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से साझेदारी बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इस्राइल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के नेता लगातार एक-दूसरे के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। भारत पश्चिम एशिया में अपने प्रभाव को मजबूत करना चाहता है, जबकि इस्राइल एशियाई देशों के साथ व्यापार और तकनीकी संबंध बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है।

भारत-इस्राइल : IMEC परियोजना बनी बड़ी चर्चा

फ्लेउर हसन-नाहूम ने India-Middle East-Europe Economic Corridor यानी IMEC परियोजना का भी विशेष उल्लेख किया। यह परियोजना भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला एक बड़ा आर्थिक कॉरिडोर माना जा रहा है। इसका उद्देश्य व्यापार, परिवहन और ऊर्जा कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर यह परियोजना सफल होती है तो इससे भारत को यूरोपीय बाजार तक तेज और सस्ता व्यापारिक रास्ता मिलेगा। साथ ही पश्चिम एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। इस्राइल भी इस परियोजना को वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ रहा सहयोग

भारत और इस्राइल के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही काफी मजबूत माना जाता है। भारत इस्राइल से आधुनिक रक्षा तकनीक, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और निगरानी उपकरण खरीदता रहा है। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने पर भी जोर देते हैं।

हाल के वर्षों में भारत ने अपनी रक्षा तकनीक को मजबूत करने के लिए कई समझौते किए हैं। इस्राइल की आधुनिक तकनीक भारत के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच संयुक्त रक्षा उत्पादन और तकनीकी साझेदारी और बढ़ सकती है।

भारत-इस्राइल : तकनीक और कृषि में भी मजबूत रिश्ते

रक्षा के अलावा भारत और इस्राइल तकनीक और कृषि क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। इस्राइल अपनी आधुनिक कृषि तकनीकों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। भारत के कई राज्यों में इस्राइली तकनीक की मदद से खेती में सुधार देखने को मिला है।

जल संरक्षण, ड्रिप इरिगेशन और स्मार्ट फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

वैश्विक राजनीति में बढ़ेगा प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इस्राइल की मजबूत साझेदारी का असर वैश्विक राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता देते हैं।

भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और इस्राइल की तकनीकी क्षमता मिलकर एक मजबूत वैश्विक गठबंधन का रूप ले सकती है। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में नई दिशा दे सकती है।

भारत और इस्राइल के बीच मजबूत होते रिश्ते केवल दो देशों तक सीमित नहीं हैं बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर देखने को मिल सकता है। IMEC जैसी परियोजनाएं भविष्य के व्यापार और रणनीतिक सहयोग की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।