दक्षिण दिल्ली में मची अफरा-तफरी
दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास स्थित सैदुलाजाब इलाके में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक 5 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
दिल्ली : रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दमकल विभाग, डीडीएमए और एमसीडी की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि कुछ अन्य लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
इमारत में चल रहा था निर्माण कार्य
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत की ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि पुरानी इमारत पर अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था, जिससे उसकी संरचना कमजोर हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत काफी पुरानी थी और पिछले कुछ समय से वहां निर्माण गतिविधियां जारी थीं। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली : कोचिंग सेंटर और कैंटीन भी थे मौजूद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इमारत के निचले हिस्से में कोचिंग सेंटर और एक कैंटीन संचालित हो रही थी। हादसे के समय वहां कई छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। अचानक इमारत गिरने से लोग संभल भी नहीं पाए और मलबे में दब गए। राहत टीमों ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह कहानी
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि इमारत गिरने से पहले जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ लोगों को लगा कि किसी जनरेटर में विस्फोट हुआ है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद पूरी इमारत जमीन पर आ गिरी। आसपास के लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की।
दिल्ली : मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में किसी भी तरह की कमी न रहे और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बचाव अभियान को तेज किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
हादसे के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण राहत कार्य में चुनौतियां सामने आ रही हैं। मलबा हटाने के लिए बुलडोजर और भारी मशीनों की मदद ली जा रही है।
साकेत के पास हुई यह घटना एक बार फिर अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राहत एजेंसियां लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं। पूरे देश की नजर इस बचाव अभियान पर बनी हुई है और लोग फंसे हुए लोगों के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं।

More Stories
म्यांमार के राष्ट्रपति का भारत दौरा: व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
कर्नाटक राजनीति में बड़ा बदलाव: सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री
बॉलीवुड में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 की धूम