June 11, 2026
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प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक: विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री : प्रस्तावना

नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक देश के विकास एजेंडे के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

 विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर

बैठक में “विकसित भारत 2047” के विजन को केंद्र में रखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति तभी संभव है जब सभी राज्य समान रूप से विकास की प्रक्रिया में भाग लें। उन्होंने राज्यों से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और आने वाले वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर कार्य करना होगा।

प्रधानमंत्री : रोजगार और कौशल विकास पर चर्चा

बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करना बेहद आवश्यक है।

राज्यों को स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं बनाने की सलाह दी गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी विचार किया गया।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता

नीति आयोग की बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी विकसित राष्ट्र की नींव होती हैं। राज्यों से स्कूलों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत बनाने का आग्रह किया गया।

डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन लर्निंग और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

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प्रधानमंत्री : बुनियादी ढांचे के विकास पर फोकस

बैठक में सड़क, रेल, हवाई अड्डों और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार पर भी चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य देश के हर क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने राज्यों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की सलाह दी।

कृषि और ग्रामीण विकास

भारत की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन पर चर्चा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए भी योजनाओं पर विचार किया गया।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसलिए गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री : राज्यों की भागीदारी का महत्व

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल को केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। बैठक में विभिन्न राज्यों ने अपने विकास मॉडल और सुझाव प्रस्तुत किए। इससे राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ कार्य करने से देश के विकास को नई गति मिल सकती है।

नीति आयोग की यह बैठक भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर सरकार देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। यदि केंद्र और राज्य मिलकर प्रभावी ढंग से योजनाओं को लागू करते हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।