महाराष्ट्र के बारामती से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक महिला पर अपने इंजीनियर पति की हत्या की कोशिश करने और उसके शव को घर के अंदर ही दफनाने की तैयारी करने का आरोप लगा है। मामला तब खुला, जब कब्र के ऊपर स्लैब रखने पहुंचे मजदूरों को अचानक चादर के नीचे से इंसानी पैर दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

घर की बालकनी में बना दी कब्र
यह मामला बारामती की इंद्रप्रस्थ सोसायटी का है। यहां तीसरी मंजिल पर प्रवीण प्रकाश जगताप अपनी पत्नी शर्मिला, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे। प्रवीण पेशे से इंजीनियर हैं, जबकि उनकी पत्नी शर्मिला ने बी.फार्मा की पढ़ाई की है। पुलिस के मुताबिक, घर की बालकनी के एक हिस्से में महिला ने करीब दो से ढाई फीट ऊंची दीवार बनाकर ऐसी जगह तैयार की थी, जिसमें एक व्यक्ति को लिटाया जा सकता था।
बारामती :खाने में दी गई थी बेहोशी की दवा
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, घटना 31 जुलाई की रात से शुरू हुई। आरोप है कि शर्मिला ने अपने पति के खाने में नींद की दवा मिला दी। पुलिस के मुताबिक, यही दवा उनकी सास को भी दी गई थी।
अगली सुबह जब घर में बच्चे और देवर मौजूद नहीं थे और प्रवीण कथित तौर पर बेहोशी की हालत में थे, तब शर्मिला ने घर में रखे बैट से उनके सिर पर कई वार किए। इसके बाद उन्हें मृत समझ लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद प्रवीण को घसीटकर बालकनी में बनाई गई उस अधूरी जगह में ले जाया गया।
स्लैब रखते वक्त खुल गया राज
लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ यहीं आया। भारी स्लैब को अकेले उठाना संभव नहीं था, इसलिए मजदूरों को बुलाया गया। जब मजदूर स्लैब को उठाकर उस जगह के ऊपर रखने लगे, तभी हवा के कारण चादर का एक हिस्सा खिसक गया।
चादर हटते ही मजदूरों को अंदर इंसानी पैर दिखाई दिया। यह देखकर दोनों घबरा गए और वहां से बाहर निकल आए। इसके बाद उनमें से एक मजदूर ने पुलिस को 112 नंबर पर फोन कर सूचना दी।
बारामती पुलिस पहुंची तो बेहोश मिले प्रवीण
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआत में महिला ने पुलिस को घर के अंदर आने से रोकने की कोशिश की और ऐसी किसी घटना से इनकार किया। लेकिन जब पुलिस ने घर की तलाशी ली और बालकनी में पहुंची तो वहां संदिग्ध निर्माण दिखाई दिया।
इसी दौरान पुलिस को घर के एक हिस्से में प्रवीण घायल और बेहोशी की हालत में मिले। उनके कपड़े फटे हुए थे और सिर से खून निकल रहा था। पूछताछ में शर्मिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपने पति को बैट से मारा था।
पुलिस ने 4 अगस्त को किया गिरफ्तार
प्रवीण की हालत सुधरने के बाद पुलिस ने उनका बयान दर्ज किया। इसके बाद 4 अगस्त को शर्मिला को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, शर्मिला का आरोप था कि प्रवीण उसे नौकरी नहीं करने देते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे।
बाल-बाल बची इंजीनियर की जान
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रवीण को मृत समझकर दफनाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी। अगर मजदूरों की नजर चादर के नीचे मौजूद पैर पर नहीं पड़ती और स्लैब वहां रख दिया जाता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शर्मिला के खिलाफ हत्या के प्रयास से जुड़ी कार्रवाई की गई है। घटना के बाद सोसायटी में भी इस मामले को लेकर काफी चर्चा है। एक घरेलू विवाद किस तरह बेहद खौफनाक मोड़ तक पहुंच गया, इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

More Stories
UGC-NET परीक्षा रद्द, 3 विषयों की होगी दोबारा परीक्षा, बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क एग्जाम में गड़बड़ी
कानपुर में 7 माह की गर्भवती युवती की मौत, 2 प्रेमियों पर केस, DNA टेस्ट से खुलेगा राज
राम मंदिर में नया ड्रेस कोड लागू, पीले बिना सिले वस्त्रों में दिखे अर्चक