अयोध्या राम मंदिर स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हाल ही में सामने आए कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले के बाद ट्रस्ट ने दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी और तकनीकी निगरानी में होगी। मंदिर ट्रस्ट ने 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे, अनिवार्य वीडियोग्राफी, नई गिनती टीम और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना तथा भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को समाप्त करना है।

राम मंदिर : चोरी के आरोपों के बाद लिया गया बड़ा फैसला
कुछ समय पहले मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं और धन के गबन के आरोप सामने आए थे। जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) सक्रिय किया गया। इसी घटना के बाद ट्रस्ट ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
अब हर पल रहेगी 360 डिग्री निगरानी
नई व्यवस्था के तहत दान गिनने वाले कक्ष में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से कमरे का कोई भी हिस्सा निगरानी से बाहर नहीं रहेगा। कैमरे हाई-रिजॉल्यूशन रिकॉर्डिंग करेंगे, जिससे हर गतिविधि का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा रिकॉर्डिंग को सुरक्षित सर्वर पर संरक्षित किया जाएगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियां फुटेज की समीक्षा कर सकें।
राम मंदिर : पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी
अब चढ़ावे की गिनती केवल कैमरों तक सीमित नहीं रहेगी। पूरी प्रक्रिया की अलग से पेशेवर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
गिनती शुरू होने से लेकर नकदी की पैकिंग, दस्तावेज तैयार करने और बैंक में जमा करने तक हर चरण रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे किसी भी विवाद की स्थिति में पूरा वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
नई टीम करेगी चढ़ावे की गिनती
मंदिर ट्रस्ट ने गिनती करने वाली टीम में भी बदलाव किया है। अब नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और कर्मचारियों के कार्यों की नियमित निगरानी होगी।
साथ ही, टीम के सदस्यों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी ताकि किसी एक व्यक्ति पर पूरी प्रक्रिया निर्भर न रहे। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
राम मंदिर : बातचीत और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक
नई गाइडलाइन के अनुसार, गिनती कक्ष के भीतर अनावश्यक बातचीत, मोबाइल फोन के उपयोग और बिना अनुमति आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
केवल अधिकृत कर्मचारी ही निर्धारित समय पर कमरे में प्रवेश कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के हस्तक्षेप की संभावना कम होगी।
श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
राम मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के साथ दान भी करते हैं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बनाए रखना उसकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हर दान की राशि पूरी पारदर्शिता के साथ मंदिर के आधिकारिक खाते तक पहुंचे।
जांच अभी भी जारी
दान गड़बड़ी मामले की जांच फिलहाल विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी जांच की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी है और उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच को और मजबूत करने के लिए टीम में बदलाव तथा वित्तीय विशेषज्ञों को शामिल करने जैसे कदम उठाए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। 360 डिग्री सीसीटीवी, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी, नई गिनती टीम और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल से भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने की कोशिश की गई है। इन उपायों से श्रद्धालुओं का भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है तथा मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

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