August 22, 2026

NRI के बैंक लॉकर से 82 लाख का सोना गायब, डिप्टी मैनेजर ने ऐसे उड़ाए गहने

मुंबई के कांदिवली इलाके में एक निजी बैंक के लॉकर से करीब 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने NRI ग्राहक के लॉकर में रखे सोने के गहनों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फर्मों के पास गिरवी रख दिया। पुलिस ने जांच के दौरान गहने बरामद कर लिए हैं।

NRI

दुबई में रहता है 72 साल का NRI

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता की उम्र 72 साल है और वह पिछले 50 साल से अधिक समय से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं। मुंबई में उनका एक फ्लैट है और कांदिवली स्थित एक निजी बैंक में उनका अकाउंट भी है। इसी बैंक की शाखा में उन्होंने अपना लॉकर लिया था।

विदेश में लंबे समय तक रहने के कारण वह नियमित रूप से बैंक लॉकर चेक नहीं कर पाते थे। मार्च 2024 में उन्होंने लॉकर में करीब 610 ग्राम सोने के गहने रखे थे। उस समय इनकी कीमत लगभग 81.8 लाख रुपये थी।

दो साल बाद लॉकर खोला तो उड़ गए होश

करीब दो साल बाद जब NRI मुंबई पहुंचे और उन्होंने बैंक जाकर अपना लॉकर चेक किया, तो उसमें रखा पूरा सोना गायब मिला। उन्होंने बैंक अधिकारियों से इस बारे में जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

12 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद कांदिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। चूंकि गहने लंबे समय पहले लॉकर से गायब हुए थे, इसलिए पुलिस के लिए पुराने CCTV फुटेज और रिकॉर्ड जुटाना बड़ी चुनौती थी।

डिप्टी मैनेजर पर कैसे हुआ शक?

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगाले। इसी दौरान पता चला कि शिकायतकर्ता का लॉकर डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी ने उपलब्ध कराया था।

इसके बाद पुलिस ने साहनी के पिछले दो वर्षों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की। जांच में उसके खातों से करीब 9 करोड़ रुपये तक के लेनदेन सामने आए। पुलिस के मुताबिक, इन लेनदेन का बड़ा हिस्सा ऐसी कंपनियों से जुड़ा था जो सोना गिरवी रखकर लोन या मॉर्गेज का कारोबार करती हैं।

गोल्ड मॉर्गेज फर्मों से मिला अहम सुराग

पुलिस ने उन कंपनियों से संपर्क किया, जिनके साथ आरोपी के वित्तीय लेनदेन पाए गए थे। जांच टीम ने इन फर्मों से साहनी द्वारा गिरवी रखे गए सोने के गहनों की तस्वीरें मांगीं।

तस्वीरों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे गहने दिखाई दिए जो शिकायतकर्ता के लॉकर में रखे गहनों से मेल खाते थे। इसके बाद पुलिस ने गहनों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई शुरू की।

NRI : FIR के चार दिन में आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, शिकायत दर्ज होने के महज चार दिन के भीतर जांच टीम आरोपी तक पहुंच गई और गहने बरामद कर लिए गए। इसके बाद डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित चोरी में आरोपी अकेला शामिल था या बैंक के किसी अन्य कर्मचारी ने भी उसकी मदद की थी।

बैंक लॉकर की सुरक्षा पर उठे सवाल

यह मामला बैंक लॉकर की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। ग्राहक लंबे समय तक विदेश में रहा और इसी दौरान उसके लॉकर में रखी करोड़ों की संपत्ति का पता लगाए बिना कथित तौर पर उसका इस्तेमाल किया गया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 610 ग्राम सोने के गहनों को कब और किस तरीके से लॉकर से निकाला गया तथा इस पूरी साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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