नरेंद्र मोदी 9 जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। एनडीए संसदीय दल की बैठक में राजनाथ सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया है। एनडीए केंद्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में इस बार बीजेपी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है, जिससे पार्टी को कुछ निराशा हुई है। इस चुनौती के बावजूद, एनडीए की सरकार बनाने का निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और उनकी नीतियों पर जनता का विश्वास अभी भी बरकरार है।

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- संसद की सेंट्रल हॉल में मोदी और योगी की गर्मजोशी भरी मुलाकात
- नरेंद्र मोदी ने सीएम योगी के कंधे पर दो बार जोर से थपथपाया
- गुलदस्ता लेकर पहुंचे योगी ने दोनों हाथ जोड़कर किया अभिवादन
संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में राजनाथ सिंह ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव पेश किया। संभावना है कि नरेंद्र मोदी 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बैठक में बीजेपी और सहयोगी दलों के प्रमुख नेता उपस्थित थे, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू भी शामिल थे।
अपने संबोधन के बाद नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न कोनों से आए सभी दलों के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान मोदी और योगी की मुलाकात पर सभी की नजरें टिकी रहीं। जैसे ही योगी आदित्यनाथ फूलों का गुलदस्ता लेकर पहुंचे, नरेंद्र मोदी ने अभिवादन स्वीकार करते हुए दो बार योगी के कंधे पर जोर से थपकी दी। इसके बाद योगी ने दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते किया। इस मुलाकात ने दर्शाया कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच मजबूत संबंध और सामंजस्य बना हुआ है, जो आगामी सरकार की स्थिरता और नीतिगत दिशा के लिए महत्वपूर्ण है।
सोशल मीडिया पर मोदी और योगी की मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए यूजर्स विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी का प्रदर्शन निराशाजनक होने के बावजूद मोदी और योगी की मुलाकात काफी गर्मजोशी भरी रही। इससे पहले बैठक के दौरान सामने आई तस्वीरों में योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर मुद्रा में दिख रहे थे। राजनाथ सिंह के प्रस्ताव भाषण के दौरान वह अपनी सीट पर असहज नजर आ रहे थे। कुछ लोगों का मानना है कि बीजेपी की हार के बाद मोदी ने योगी के कंधे पर थपकी देकर विपक्षी दलों को एक बड़ा संदेश दिया है।
ओपी राजभर और संजय निषाद
एनडीए में शामिल सुभासपा और निषाद पार्टी के नेता भी संसदीय दल की बैठक में मौजूद थे। ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद भी नरेंद्र मोदी का अभिवादन करने पहुंचे, लेकिन दोनों ने दूर से ही नमस्ते कर आगे बढ़ गए। राजभर अपने ट्रेडमार्क पीले कुर्ते और पीले गमछे में दिखे, जबकि संजय निषाद ने भगवा रंग का कुर्ता पहना हुआ था। उत्तर प्रदेश में इन दोनों दलों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। राजभर के बेटे अरविंद राजभर घोसी सीट से हार गए, जबकि संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद संत कबीरनगर सीट से पराजित हो गए।

बैठक में शामिल नेताओं की प्रतिक्रिया और उनकी मुद्राओं ने यह स्पष्ट किया कि यूपी में मिली हार के बाद भी एनडीए के अंदर की एकता और समर्थन को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की गर्मजोशी भरी मुलाकात और अन्य नेताओं की गंभीरता यह दर्शाती है कि आगामी चुनौतियों के बावजूद, एनडीए नेतृत्व एकजुट और दृढ़ संकल्पित है। इस बैठक से यह संकेत भी मिलता है कि पार्टी आंतरिक मतभेदों को सुलझाने और भविष्य की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रयासरत है।

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